विचाराधीन कैदियों के परिवारों की रिपोर्ट पेश
विचाराधीनकैदियों के संवैधानिक अधिकार विषय पर शनिवार को दो दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत हुई। कार्यशाला की अध्यक्षता झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता एके रसीदी ने की। इसका आयोजन इंडियन एसोसिएशन आॅफ लाॅयर्स ह्यूमन राइट्स (जोहार) संस्था के संयुक्त तत्वावधान में टीआरटीसी गुईरा में किया गया। कार्यशाला के पहले दिन अधिवक्ता रसीदी ने कहा कि इंडियन एसोसिएशन आॅफ लाॅयर्स जनपक्षीय कानून की वकालत करता है। मानवाधिकार के प्रावधानों को लागू कराया जाए, जिसे संविधान में प्रावधान किया गया है। इस दौरान 102 विचाराधीन कैदियों के परिवारों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इस पर फादर टोनी ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत विचाराधीन कैदियों से संबंधित मामलों पर झारखंड के 26 जेलों में आवेदन दिए गए थे, लेकिन केवल 12 जेलों से ही इसका जबाव मिल पाया है। कार्यशाला में झारखंड उच्च न्यायालय, बार एसोसिएशन चाईबासा, जमशेदपुर, हजारीबाग, राउरकेला के अधिवक्ता, मानवाधिकार कार्यकर्ता आदि मौजूद थे।
कार्यशाला में जानकारी देते हाईकोर्ट के अघिवक्ता एकेरसीदी।