सायरन बजा, चालू था सीसीटीवी कैमरा
चाईबासाजेल ब्रेक की घटना के दौरान सीसीटीवी कैमरा बंद था। कैदियों के भागते समय पुलिसकर्मियों ने जेल का सायरन भी नहीं बजाया था। घटना के करीब 19 घंटे बाद शुरू हुई जांच में यह बातें सामने अाई हैं। बुधवार सुबह 11.30 बजे जेल आईजी शैलेंद्र भूषण चाईबासा मंडल कारा पहुंचे। उनके साथ जेल के एआईजी तुषार रंजन जमशेदपुर स्थित घाघीडीह जेल की ओलिवा ग्रेस कुल्लू भी थीं। अधिकारियाें ने जेल अधीक्षक भागीरथी कारजी, जेलर साकेत बिहारी और सुरक्षा गार्डों से पूछताछ की। उन्होंने एसपी नरेंद्र कुमार सिंह से भी घटना की जानकारी ली।
चार घंटे तक चली जांच में जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठे हैं। जेल आईजी ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बताया कि अभी कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। घटना कैसे हुई? लापरवाही और चूक किससे हुई? वे अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। इधर, कोर्ट हाजत के प्रभारी कामता प्रसाद के बयान पर चाईबासा सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसमें जेल से फरार 15 नक्सलियों के अलावा तीन जख्मी और दो मृत नक्सली रामविलास तांती टीपा दास पर नामजद अभियुक्त हैं।
मालूम हो कि नौ दिसंबर की शाम कोर्ट में पेशी के बाद वाहन से जेल लाए जा रहे 20 कैदी भाग निकले थे। इनमें से दो को पुलिस ने मार गिराया, तीन पकड़े गए थे आैर 15 फरार हो गए। जेल से भागने के बाद नक्सली दो गुटों में बंट गए थे। सभी नक्सली रोरो नदी पार कर लुपुंगुटू होकर टोंटो की ओर कूच कर गए थे।
क्षमता से ज्यादा कैदी : जेल आईजी
जॉनसन पर आरोप
2002 : मनोहरपुरथाना क्षेत्र के बिटकिलसोय में दर्जनभर पुलिसकर्मियों की हत्या
2004: बालिबामें 29 पुलिसकर्मियों की हत्या और बड़ाजामदा ओपी में लूट
खूंखार नक्सली हैं जॉनसन सूर्यम
चाईबासा | मंडलकारा से भागे 15 नक्सलियों में जॉनसन उर्फ चंदर गंझू उर्फ दीपक और सूर्यम चाकी भाकपा माओवादी संगठन के खूंखार नक्सली माने जाते हैं। 4 अगस्त 2013 को सूर्यम को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। एक साल बाद 8 अगस्त 2012 को जॉनसन पोसैता जंगल से गिरफ्तार हुआ था।
{ कोर्ट हाजत से बंदियों को लाने के लिए सुरक्षा के क्या उपाय थे?
{ कैदी वाहन जेल के मेन गेट के अंदर कब प्रवेश किया?
{ जेल के मेन गेट का दरवाजा क्यों खुला छोड़ दिया गया था?
{ सीसीटीवी कैमरा क्यों चालू नहीं था?
{ घटना के समय सायरन क्यों नहीं बजा