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जेल परिसर से हटाई गईं दुकानें

7 वर्ष पहले
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10 साल पहले घर से निकला था बेटा, आई लाश

सारंडाके छोटानागरा थानांतर्गत हतनाबुरू गांव के जड़ी- बूटी बेचने वाले रामचंद्र तांती का बड़ा बेटा दस साल पहले घर से काम करने के लिए निकला था। इसके बाद उसकी लाश ही लौटी। यह लाश थी भाकपा माओवादी संगठन का प्लाटून कमांडर रहा राम विलास तांती की। उसके बूढे़ बाप को एक साथ दो- दो बेटों की लाश को कंधा देना पड़ा। नक्सलियों का प्लाटून कमांडर रहा राम विलास तांती उसके छोटे भाई टीपा दास की मंडल कारा में 9 दिसंबर को उस समय गोली मार दी गई थी, जब वे दोनों भी 15 नक्सलियों के साथ भागने की कोशिश कर रहे थे। अपने बेटों की लाश लेने चाईबासा पहुंचे रामचंद्र तांती बताते है कि मौत से करीब 8 घंटा पहले ही सुबह करीब 8 बजे राम विलास ने फोन पर उससे बातें की थी। राम विलास ने सबसे पहले घर का हालचाल पूछा था। साथ ही कहा था कि एक व्यक्ति के पास उसने एक मोबाइल 10 हजार रुपए छोड़ रखा है, उसे ले लेना। उसने यह भी कहा था कि मार्च माह में वह जेल से बाहर आने वाला है। जेल से छूटकर वह घर परिवार को संवारने का काम करेगा।

लाचार हवलदार ने दिखाई थी दिलेरी

मंडलकारा में तैनात एक पांव से लाचार हवलदार की दिलेरी की वजह से तीन नक्सली भागने में विफल रहे थे। 9 अगस्त की शाम करीब 4.10 बजे जहां 15 नक्सली कैदी वैन के रूकते ही भाग निकले थे, वहीं लंगड़ाकर चलने वाले एक हवलदार ने दो नक्सलियों को काफी देर तक दबोचे रखा था। इस दौरान अन्य नक्सलियों ने हवलदार की पीठ मुंह पर घूसे भी बरसाए थे, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी ओर दोनों नक्सलियों के साथ उनके एक साथी को भी जेल के अंदर भेज दिया था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो शाम 4.10 कोर्ट से पेशी कराने के बाद कैदी वैन से 55 कैदियों को मंडल कारा लाया गया था। इस कैदी वैन के आगे- पीछे रक्षक एंटी लैंड माइंस वैन भी थी। वहीं आगे- आगे स्कॉट करते हुए दो बाइक पर सवार चार जवान भी मंडल कारा के मेन गेट तक पहुंचे थे।

जॉनसनके घूसे से बेहोश हुआ था जवान

बसस्टैंड की ओर से साबुन खरीदकर लौट रहे होमगार्ड के जवान मानिक राम आल्डा ने जेल से भाग रहे नक्सली का कॉलर पकड़ लिया। इस पर नक्सली ने होमगार्ड के जवान के गर्दन के पास जोरदार प्रहार किया, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़ा। आसपास के दुकानदारों ने उसे उठाकर होश में लाने की कोशिश की। बताया जाता है कि जिस नक्सली ने होमगार्ड जवा