सरायकेला जेल की चौकसी और होगी तेज
सरायकेलामंडल कारा के बंदियों की चौकसी और तेज होगी। पिछले दिनों चाईबासा में हुए जेलब्रक की घटना के बाद जिला और पुलिस प्रशासन जेल की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक तैयारी में जुटा है। पुलिस कप्तान दुर्गा उरांव ने मंडल कारा सहित कोर्ट हाजत का गहन कर निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों की चौकसी के लिए विशेष निर्देश भी दिए।
करीब करीब संसाधन विहीन सरायकेला मंडल कारा में उन्होंने मौजूदा संसाधन में ही सतर्क एवं सजगता के साथ कर्तव्य निर्वहन के निर्देश दिए तथा ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही पर विधि सम्मत कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
तीन गुना से ज्यादा हैं कैदी
298बंदी की कुल क्षमता वाले मंडलकारा में वर्तमान में कुल 600 बंदी है। इसमें से 23 नक्सली कांडों से जुड़े हैं। यहां आंतरिक सुरक्षा के लिए 49 बल की आवश्यकता है। फिलहाल मात्र 11 बल के भरोसे ही आंतरिक सुरक्षा की जा रही है। मोबाइल फोन पर रोक लिए लगाए गए तीन जैमर लंबे समय से खराब चल रहे हैं। जिला पुलिस के अधीन मंडल कारा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए होम गार्ड के जवान तैनात किए गए हैं, जबकि इसके लिए सैप के जवान की मांग की गई थी।
यहां भी हो चुकी है जेल ब्रेक की घटना
सरायकेलास्थित मंडल कारा में 17 अगस्त 2011 को बंदियों द्वारा जेल ब्रेक की घटना को अंजाम दिया जा चुका है। इसमें एक हार्डकोर नक्सली सहित कुल छह दुर्दांत बंदी भागने में सफल रहे थे।
^बंदियों पर सतत् निगरानी के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रहा है। साथ ही मंडल कारा से कोर्ट हाजत तक आने जाने वाले मार्ग पर समयानुसार विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।\\\'\\\' दुर्गाउरांव, पुलिसअधीक्षक।
कैसे होगी विशेष चौकसी
>बंदियों की आंतरिक निगरानी बढ़ाई जाएगी।
> काेर्ट तक आने-जाने वाले मार्ग पर समयानुसार चौकसी रहेगी।
> कोर्ट हाजत में निगरानी बढ़ाई जाएगी।
> तैनात जवान सुस्ती तोड़ अलर्ट रहेंगे।
> सुरक्षा व्यवस्था के हर स्तर की समय समय पर जांच की जाती रहेगी।
मंडल कारा का निरीक्षण करते एसपी।