सुलझी दोहरे हत्याकांड की गुत्थी
टोंटोथानांतर्गत कुईलसूता गांव में हुए बाप- बेटे की हत्या के बाद पुलिस जहां मृतकों के शव तलाशने में विफल रही, वहीं मृतकों के परिजनों ने दोनों शवों के कंकाल को ढूंढ लेने का दावा किया है। घटना के 12 दिन बाद आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका सुमित्रा संवैया ने गांव के ही 13 रिश्तेदारों के साथ अपने पति जय राम संवैया ससुर कानूराम संवैया के कंकाल को गुरुवार को खोज निकाला। उन्होंने बताया है कि गांव के करण हेस्सा नामक व्यक्ति ने ग्रामीणों से दोनों मृतकों के शवों को ढूंढने की कोशिश करने का आह्वान किया था। इसके बाद 13 लोगों की टीम तैयार की गई और जंगलों में शवों की तलाश शुरू कर दी गई। यह टीम टेंसरा होते हुए कुईलसूता पहुंची। इसके बाद कादलसोवा से बुंडू भी गई। इस दौरान ग्रामीण मुंडा को लेकर जंगल की ओर चले गए। इसी बीच कुईलसूता से करीब साढ़े तीन किमी दूर पोरलोर खाई में दोनों के नर कंकाल नजर आए। इन कंकालों की पहचान सेविका सुमित्रा संवैया ने अपने पति ससुर के रूप में की।
क्या है मामला
सेविकासुमित्रा संवैया के पति जयराम संवैया ससुर कानूराम संवैया की जमीन विवाद पोषाहार को लेकर 6 सितंबर को हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद सुमित्रा के बयान पर मामला दर्ज कर टुरा संवैया, गुतिया संवैया दिगम संवैया को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के क्रम में तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए दोनों के शवों को नदी में फेंकने की बात कही थी। आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस भी शवों के तियूनबेड़ा नदी में फेंके जाने नदी में पानी बढ़ जाने के कारण तेज बहाव में बह जाने की बात कही थी।
ऐसे झूठे हुए पुलिस के दावे
सुमित्रासंवैया ने दावा किया है कि उसके पति की हत्या 6 सितंबर को हुई थी, लेकिन 7 सितंबर से बारिश नहीं हुई है। ऐसे में नदी में पानी कैसे बढ़ सकता है और शव तेज बहाव में कैसे बह सकते हैं। उन्होंने कहा कि नदी में बाढ़ भी नहीं आई है। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने शवों को पोरलोर खाई में फेंक दिया था।
कंकाल शवों को खोजते मृतक के रिश्तेदार।