मानव तस्करी रोकने की पहल
जिलेमें बढ़ती मानव तस्करी को रोकने के लिए पुलिस ने पहल तेज कर दी है। इसके लिए सदर थाना परिसर स्थित महिला थाना में आहतु (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) खोली गई है। हालांकि, मानव तस्करी पर लगाम लगाने की कवायद पिछले वर्ष से ही शुरू है, लेकिन इससे संबंधित सारे मामले सदर थाने से ही निबटाए जाते थे। अब इसके लिए एक यूनिट की अलग से स्थापना की गई है। फिलहाल यह यूनिट सदर थाना परिसर स्थित महिला थाना से संचालित हो रहा है।
महिला थाना के सहयोग से इस यूनिट में आने वाले वाले मानव तस्करी से संबंधित मामलों को देखा जा रहा है।
^आहातु यूनिट को और भी अधिक सक्रिय बनाया जाएगा। इसका प्रशिक्षण भी कई पुलिस कर्मियों को दिया गया है। इसके प्रचार प्रसार के लिए बोर्ड लगाए जाएंगे। मानव तस्करी के कारोबार को रोकने के लिए मुस्तैदी से अब पहल होगी। जल्द ही इस विशेष थाने को भी संसाधनों से लैस किया जाएगा।\\\'\\\' सुधीरकुमार सिंह, इंस्पेक्टर
संसाधन से लैस होगी यूनिट
कितने लोग प्रतिनियुक्त हैं यूनिट में
थानाप्रभारी - बनारसी राम, हवलदार मीरा टोप्पो, प्रतिनियुक्त एएस आई महिला दरोगा एवं जिस थाना से संबंधित मामला होता है, उस थाना की पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की जाती है।
ग्रामीणोंको इस यूनिट से क्या मिलेगा लाभ
इसयूनिट के सक्रिय होने से मानव तस्करी पर रोक लगेगी। गांव की गरीब बेरोजगार लड़कियों की खरीद - फरोख्त बंद होंगी। कोल्हान की लड़कियां शोषण अत्याचार से मुक्त होंगी।
अबतक कितने मामले दर्ज हुए
2013में एक। 2014 में तीन। इसमें से इस वर्ष 30 अगस्त को दर्ज मामले में दिल्ली में बेची गई लड़की नितिमा बारी को चाइल्ड लाईन के माध्यम से बरामद कर लिया गया।
सदर थाना परिसर स्थित आहतु थाना परिसर में खड़े थाना प्रभारी
कैसे होती है कार्रवाई
यूनिटमें मानव तस्कर गिरोह के एजेंटों के खिलाफ धारा 367,370, 371,372 के तहत मामला दर्ज किया जाता हैं। धारा 367 एवं धारा 370 के तहत सात वर्ष की सजा का प्रावधान है। वहीं, धारा 371 के तहत 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है।
क्या है आहतु यूनिट
इसयूनिट में नौकरी दिलाने के नाम पर लड़का -लड़की एवं मजदूरों को बहला फुसला कर राज्य से बाहर बेचने वाले एजेंटों या दलालों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाते हैं।