आलू-प्याज का टेस्ट फिर हुआ कड़वा
बाजारमें एकाएक आलू प्याज की कीमतों में आई वृद्धि का असर आम लोगों के किचन पर पड़ने लगा है। लोगों की थाली से पहले ही सब्जियां गायब हो गई थी अब आलू प्याज की कीमतों में पांच से आठ रुपए तक की वृद्धि से आम जनता की परेशानी दुगनी हो गई है। बंगाल से आलू का आवक नहीं होने के कारण थोक व्यवसायी परेशान हैं। वहीं खुदरा व्यवसायी दुकानदारों को लोगों द्वारा कीमत वृद्धि का जवाब देते हुए दिन कट रहा है। पिछले दिनों एकाएक आलू प्याज की कीमत में पांच से लेकर आठ रुपए तक की वृद्धि होने से झारखंड सरकार ने बंगाल जाने वाले सामग्रियों पर रोक लगा दी थी। इसके कुछ दिनों बाद ही आलू -प्याज की आवक सामान्य हो गई थी। दुबारा आलू -प्याज की कीमतों में ऐसे समय में उछाल आया है जब लोग दुर्गा पूजा की तैयारी में जुटे हैं। वर्तमान में फिर से आलू -प्याज की कीमत में फिर से उछाल आने से आम लोगों की थाली से सब्जियों के साथ अब आलू प्याज पर भी आफत गई है।
क्यों हुई समस्या
आलू-प्याज झारखंड राज्य में बंगाल से आती है। बंगाल में सरकार द्वारा आलू -प्याज को बाहर जाने से रोक लगाए जाने से सामान्य रुप से आने वाले आवक में अवरोध उत्पन्न हो गया है। जिसके कारण आलू की आवक नहीं हो पा रही है। झारखंड के व्यवसाईयों को इसके लिए जहां काफी तोड़ जोड़ करके इसे मंगाना पड़ रहा है। दूसरे मार्गों से आवक प्राप्त करने के लिए थोक व्यवसायियों को अतिरिक्त कीमत चुकानी पड़ रही है। जिसके कारण कुछ लाभ के साथ माल खुदरा व्यवसाईयों को मिलता है। उसके द्वारा भी कुछ लाभ लेने के कारण खुदरा सब्जी विक्रेताओं के द्वारा तीन से पांच रुपए तक लाभ लेकर बेचा जा रहा है। वहीं दुकानों में इसकी कीमत पांच से आठ रुपए तक बढ़ गई है।
^बंगाल से आलू -प्याज की आवक में कमी होने से खुदरा विक्रेताओं को कम माल प्राप्त हो रहा है। एक सप्ताह पहले तक 20 रुपए से लेकर 25 तक में आलू -प्याज मिलता था। जिसे अब 26 से 28 रुपए में बेचा जा रहा है। खर्च बढ़ने से इसकी कीमत में बढ़ोतरी हुई है।\\\'\\\' अनुजकुमार, खुदरासब्जी विक्रेता
^आलू की कमी बाजार में इसलिए उत्पन्न होने लगी है कि बंगाल से इसकी आवक पर रोक लगा दी गई है। इस मुद्दे को लेकर सरकार को बंगाल सरकार से बातचीत करते हुए समस्या के निदान के लिए पहल करनी चाहिए। इससे व्यापारियों के साथ -साथ आम लोगों की समस्या का भी समाधान हो जाएगा।\\\'\\\' अवधेशकुमार साहू, आलू