शहर को स्वच्छ बनाने पर मंथन
नगरपरिषद के कर्मचारियों ने मंगलवार को बैठक कर शहर को स्वच्छ बनाए रखने पर मंथन किया। साथ ही कई सुझाव भी दिए। नप अध्यक्ष नीला नाग की अध्यक्षता में हुई बैठक में नव पदस्थापित सिटी मैनेजर को वार्डों में होने वाली सफाई कार्यों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान नप अध्यक्ष ने राजस्व में वृद्धि के साथ- साथ शहरवासियों को नागरिक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तत्पर रहने को कहा। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के निदान में तेजी लानी होगी। वहीं कर्मचारियों ने कहा कि मौजूदा समय में नप के कामों में तेजी आई है। साफ- सफाई का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। हालांकि घरों से कचरा उठाव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में नप कर्मचारियों ने घरों से कचरा संग्रहण शुल्क वसूली का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस काम को एनजीओ के माध्यम से किया जा सकता है। सफाई शुल्क कचरों के संग्रहण के लिए शहर में तीन जोन भी बनाए जा सकते हैं। इससे शहर केवल साफ- सुथरा रहेगा, बल्कि लोगों को कचरा फेंकने के लिए सड़क पर भी नहीं आना पड़ेगा। एनजीओ के लोग घरों का कचरा संग्रह करने के लिए खुद उनके पास जाएंगे। बैठक में मुख्य रूप से नप के सिटी मैनेजर लुकेश सिंह, आकाश डेविड सिंह, विशाल कुमार, सहायक अभियंता राजीव श्रीवास्तव, कनीय अभियंता राजेश कुमार के अलावा अरूण कुमार प्रजापति, देवाशीष देव शर्मा, पिनाकी रंजन दास, महेश प्रसाद, सुनील पोद्दार, राजमोहन कालिंदी, पवन मिंज आदि मौजूद थे।
ये दिए सुझाव
{घरोंसे कचरा संग्रहण वसूली के लिए निविदा निकाली जाए
{एनजीओ को डस्टबिन युक्त 10- 10 तीन चक्का ठेला उपलब्ध कराया जाए
{कचरा संग्रहण शुल्क वसूली में व्यवधान करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए
{शहरवासियों द्वारा किए गए शिकायतों का त्वरित निष्पादन हो
{दुकान का किराया ठेकेदार के माध्यम से लिया जाए
{शहरी जलापूर्ति से संबंधित होने वाली बैठक में वार्ड पार्षदों की मौजूदगी में हो
{शहरी क्षेत्र में व्यवसाय करने वालों को ट्रेड लाइसेंस लेने की अनिवार्यता की जाए
{जल शुल्क वसूली टेंडर के माध्यम से की जाए
{भवनों का नक्शा पारित करने के प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में दी जाए
बैठक में डस्टबिन की संख्या बढ़ाने पर हुई चर्चा
बैठकमें डस्टबिन की संख्या बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। कहा गया कि डस्टबिन कम रहने के कारण लोग कचरों को सड़कों पर फेंक देते हैं। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। साथ ही शहर को स्वच्छ बनाए रखने में परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है।
16को शहरी पेयजल का होगा निरीक्षण
नपअध्यक्ष ने कहा कि नप सभागार में 16 फरवरी को शहरी जलापूर्ति योजना को लेकर बैठक की जाएगी। साथ ही इस योजना की कार्य प्रगति का जायजा भी लिया जाएगा। बैठक में वार्ड पार्षदों के अलावा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पदाधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। इसके बाद योजना स्थल का निरीक्षण भी किया जाएगा।
बैठक में मौजूद नप के कर्मचारी नप अध्यक्ष नीला नाग।