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देश में एक समान होगा शिक्षण और प्रशिक्षण

7 वर्ष पहले
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आनेवाले दिनों में स्कूली पाठ्यक्रम के अंतर्गत संचालित किए जाने वाले वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई कॉलेज स्तर पर भी हो सकेगी। वर्तमान में वोकेशनल कोर्स के विद्यार्थियों का कॉलेजों में नामांकन नहीं होने से स्कूली बच्चों की डिग्री का इस्तेमाल उसी स्तर पर बनकर रह जाता है। ऐसे छात्रों को कॉलेजों में नए सिरे से दोबारा साइंस ,आर्ट्स कॉमर्स स्ट्रीम में से किसी एक में इंटरमीडिएट या प्लस टू में नामांकन कराने के लिए बाध्य होना पड़ता है। इस परेशानी को दूर करने के लिए कॉलेज स्तर वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई इंटरमीडिएट से कराने, कोर्स को कॉलेज स्तर पर कैसे शुरू की जाए आदि मुद्दों को लेकर नई दिल्ली के साइंस भवन में देश के लगभग 200 कुलपति 26 राज्यों के मानव संसाधन विकास विभाग के सचिवों की बैठक में गहन -मंथन किया गया। इस बैठक से लौटने के बाद कोल्हान विवि के कुलपति डॉ आरपीपी सिंह ने इसकी जानकारी दी। इसकी तैयारी के लिए कुलपतियों ने अपनी- अपनी राय भी दी। केन्द्र सरकार के मानव संसाधन विकास विभाग, यूजीसी के चेयरमैन, एनसीईअारटी के डायरेक्टर, नेशनल काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन के डायरेक्टर, मानव संसाधन विकास मंत्री की मौजूदगी में विचार -विमर्श किया गया। इसके अलावा कॉलेजों के शिक्षकों के लिए अलग अलग एजेंसियों से डिग्री प्राप्त करने वाले शिक्षकों की योग्यता को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने , देशभर में समान कोर्स को संचालित करने, बीएड एमएड की पढ़ाई को दो वर्षीय करने , इसी कोर्स को चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स के रूप में कॉलेजों में पढ़ाने आदि मामलों पर पांच अलग -अलग सेशन में विचार -विमर्श किया गया।

वाेकेशनल कोर्स होगा प्रायोगिक

अबतक वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई केवल एक डिग्री के रूप में की जाती रही है। आने वाले दिनों में इसे पूरी तरह से प्रायोगिक करने की जरूरत पर विचार हुआ ताकि पढ़ाई बाद सीधे प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को रोजगार मिल सके। इसके लिए राज्यों के मानव संसाधन विकास विभाग विश्वविद्यालय के बीच आपसी तालमेल बनाते कोर्स के स्ट्रक्चर को विकसित करने की चर्चा की जाएगी।

प्रशिक्षण के लिए बनेगा एक्शन प्लान

देशके सभी विवि में शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए एक समान नीति तय होगी। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल क्यूरिकुलम फ्रेमवर्क आॅफ टीचर एजुकेशन 2009 के तहत कार्यक्रम तय करने पर विमर्श किया गया।