चाईबासा में पदस्थापित जवान पर पत्नी की हत्या का आरोप
भास्कर न्यूज | श्यामसुंदरपुर
गुड़ाबांदाथाना अंतर्गत माछभंडार गांव के पांड्राशोली टोला में तीन अपराधियों ने सिपाही की प|ी मायनोवती हेम्ब्रम (40) की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना बुधवार रात 10 बजे की है। महिला का पति सनातन हेम्ब्रम झारखंड पुलिस में है और चाईबासा में पदस्थापित है। वह पास के गांव मुड़ाकाटी के धीयघुटू टोला का रहने वाला है। मृतका के परिजनों ने सनातन पर हत्या का आरोप लगाया है। मायनोवती पति से अलग अपने मायके माछभंडार में रहती थीं। रात में जबरन दरवाजा खुलवाकर अपराधी घर में घुसे और सीने में गोली मार दी। घटनास्थल पर ही उनकी माैत हो गई। परिजनों ने रात में गुड़ाबांदा थाना को सूचना दी, लेकिन पुलिस गुरुवार की सुबह पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए घाटशिला भेजा गया है। मुसाबनी के एसडीपीओ अजीत कुमार विमल भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से पूछताछ की। छानबीन में पुलिस को घर के पीछे प्लास्टिक थैले में शराब की बोतल खाने-पीने के सामान मिले हैं। पुलिस का मानना है कि अपराधियों ने खाया-पीया और सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी।
^अपराधियों ने गोली मारकर महिला की हत्या कर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।\\\' -मोहम्मदअर्शी, एसपी (ग्रामीण)
मृतका के पिता श्यामचुरण मुर्मू ने बताया कि साल 1992 में मायनोवती ने मुड़ाकाटी के सनातन हेम्ब्रम के साथ प्रेम विवाह रचाया था। शादी के कुछ साल के बाद दोनों में अनबन हो गई। दोनों के पांच बच्चे हैं। चार सनातन के साथ रहते हैं। सबसे छोटा बेटा परमेश्वर अपनी मां के साथ रहता है। वर्ष 2010 में मायनोवती ने घाटशिला न्यायालय में केस दर्ज कराया था। सनातन मायनो को केस वापसी के लिए कई बार चेतावनी दे चुका था। उसने हत्या की धमकी भी दी थी।
बहन छटपटाती रही, नहीं मिली मदद
बहन(मायनोवती हेम्ब्रम) का उसके पति (सनातन हेम्ब्रम) से विवाद चल रहा था। वह पति से अलग होकर पिता श्यामचरण मुर्मू के घर में रहती थीं। रात में मैं प|ी बुधिन मुर्मू के साथ कमरे में था। अचानक मायनो की आवाज आई। मैंने प|ी को जगाया। उसने दरवाजा खोला तो बाहर का दृश्य देखकर कांपने लगी। वह कमरे की ओर भागी, लेकिन एक अपराधी ने पकड़ लिया और बाहर खींचकर ले गया। मैं भी दरवाजे पर पहुंचा तो देखा कि अपराधी तीन की संख्या में थे। मैं कुछ कर पाता, तभी एक अपराधी ने बहन को गोली मार दी। जिसने गोली मारी, वह सबसे पीछे था। मैंने पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन भाग गया। गोली लगने के बाद आधा घंटा तक बहन जिंदा थी। वह छटपटाती रही। मैं उसकी मदद नहीं कर पाया। पुलिस को सूचना देने के बाद भी नहीं आई। बहन की हत्या उसके पति ने ही कराई है।
-(जैसा किमृतका के छोटे भाई नारायण टुडू ने बताया)
गुड़ाबांदा में सिपाही की प|ी को अपराधियों ने मारी गोली
मायनोवती हेम्ब्रम
मृतका मायनोवती हेम्ब्रम के परिजन