फाइलें चेक कराईं और खा लिया सल्फॉस
डीआरडीएमें अभी काम- काज शुरू ही हुआ था। मनरेगा, इंदिरा आवास से लेकर जिला परिषद सहित जिले के विभिन्न विकास योजनाओं की फाइलें अभी ठीक से मूव करना भी शुरू नहीं की थी कि, एक कर्मचारी की आत्महत्या की खबर ने शहर में सनसनी फैला दी। जिन्हें घटना की जानकारी मिली उनका रुख अस्पताल की ओर हो गया। डीआरडीए के कार्यालय सहायक 52 वर्षीय राजीव कुमार सिन्हा रोज की तरह शुक्रवार को भी समय पर आदित्यपुर से समय पर ऑफिस पहुंच गए थे। ऑफिस पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले इंदिरा आवास से संबंधित फाइलों को निपटाया। इसके बाद वे फाइलों को दिखाने के लिए डायरेक्टर गणेश कुमार के पास गए। वहां से वे फाइलों को लेकर उप विकास आयुक्त चंद्रशेखर प्रसाद के चैंबर में भी गए। वहां से निकलने के बाद अपनी टेबल पर गए। इसी बीच ऑफिस के कुछ कर्मचारी चाय पीने बाहर निकल गए। चाय की दुकान से लौटने के बाद लोगों ने देखा कि राजीव कुमार अपनी कुर्सी पर गिरे पड़े हैं। पास ही सल्फास की खाली बोतल गिरी थी। उनकेे टेबल के पास जमीन पर कागज के टुकड़े भी बिखरे थे। इसकी सूचना तुरंत डीडीसी को दी गई। इसके बाद अपराह्न 12.10 बजे उसे अस्पताल लाया गया। जहां उसने 1.10 बजे दम तोड़ दिया।
कार्यलय में पहली बार हुई ऐसी घटना
डीआरडीएमें इस तरह की पहली घटना है, जब किसी कर्मचारी ने कार्यालय कक्ष में आत्महत्या की हो। कर्मचारियों का कहना है कि अन्य कई कर्मचारियों की तरह राजीव कुमार को भी पिछले चार माह से वेतन नहीं मिला। वेतन भुगतान के लिए वे कई बार अधिकारी के पास भी गए, लेकिन अधिकारी द्वारा विपत्र पर हस्ताक्षर नहीं किया गया था। वहीं डांट -फटकार भी मिलती थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी टेंशन में उन्होंने यह कदम उठाया होगा।
^डीआरडीए के एक कर्मचारी ने ऑफिस में जहर खा लिया है। यह दुखद घटना है। मृतक के परिजनों को सरकारी नियमों के तहत हर संभव सहयोग किया जाएगा। घटना के संबंध में यूडी केस दर्ज किया गया है।\\\'\\\' अबुबकरसिद्दीक पी, डीसी
^राजीव कुमार को वेतन नहीं मिल रहा था। जिसके कारण वे परेशान थे। उन्होंने अपनी प|ी से पेमेंट नहीं मिलने की बात भी कही थी। उन पर किसी तरह का आरोप भी नहीं लगा था। कार्यालय के कर्मी पाढ़ी ने फोन से हमें सूचना दी थी कि आपका भाई सीरियस है। आकर देखा तो मौत हो चुकी थी।\\\'\\\' संजीवकुमार सिन्हा, मृतकके भाई
^राजीव सिन्हा मृदुभाषी थे। वे लोगो