विभागों से बनाएं तालमेल : मनोज
वित्तीयवर्ष 2015- 16 में मनरेगा योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सोमवार को समाहरणालय सभागार में ग्राम विकास विभाग के संयुक्त सचिव मनोज कुमार ने बैठक कर कई मुद्दों पर विचार विमर्श किया, कई मसलों पर आवश्यक निर्देश भी दिए। बैठक में कन्वर्जेंस के तहत अलग -अलग विभागों से तालमेल बनाते हुए योजनाओं का संचालन करने का निर्देश दिया। मछली पालन के लिए यदि तालाब खोदने का काम मनरेगा के तहत किया जा रहा हाे तो इसमें मत्स्य विभाग के द्वारा मछली का चारा समय से उपलब्ध कराया जाए तो इसका लाभ ग्रामीणों को मिलेगा खोदे गए तालाब में पंपसेट यदि कृषि विभाग के सामंजस्य से लगाया जाता है तो इससे तालाब से पानी निकालकर उसे खेतों बागीचों की सिंचाई करने में मदद मिलेगी। संयुक्त सचिव ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को कन्वर्जेस के तहत मनरेगा के संचालन का निर्देश दिया। बैठक में संयुक्त सचिव मनोज कुमार, उपविकास आयुक्त चंद्रशेखर प्रसाद, जिला कृषि पदाधिकारी चंद्रमाेहन पुरान, आत्मा के निदेशक पंकज सिंह, जिला परियोजना पदाधिकारी अमृता कुमारी आदि मौजूद थे।
ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव ने की समीक्षा
मनरेगायोजना के तहत संचालित किए जाने वाली वार्षिक लेबर बजट को 2015-16 के वित्तीय वर्ष के दौरान 30 फीसदी से अधिक बढ़ाने के लिए संयुक्त सचिव ने उपविकास आयुक्त को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2014-15 के दौरान मनरेगा के लिए जो लेबर बजट बनाया गया था उसका अवलोकन करते हुए नए वित्तीय वर्ष के दौरान 30 फीसदी से अधिक लेबर बजट को बढ़ाने के लिए कहा।