मनरेगाकर्मी बनेंगे इंजीनियर
मनरेगायोजनाओं को संचालित कराने वाले सुयोग्य वर्करों को बेयरफुट इंजीनियर बनने का अवसर मिलेगा। 2500 कार्डधारकों पर एक इंजीनियर बनाने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए प्रखंड स्तर से सुयोग्य वर्करों की सूची बनाकर राज्य सरकार को भेजी जाएगी, जहां से इसे केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। जिला के विभिन्न प्रखंडों से चयन के बाद बनने वाली सूची में आधी संख्या महिला इंजीनियर बनाने के लिए दिए जाने वाले प्रशिक्षण के लिए चुना जाएगा। प्रशिक्षण के लिए चुने गए सदस्यों को तीन माह का विशेष प्रशिक्षण देने के बाद सर्टिफिकेट दिया जाएगा। प्रशिक्षित लोगों को मनरेगा योजनाओं के संचालन के लिए प्रतिनियुक्त किया जाएगा। राज्य स्तर पर बनाई गई कर्मियों की सूची 15 मार्च तक ग्रामीण विकास मंत्रालय को उपलब्ध करा दी जाएगी। जिसके बाद तीन चरणों में अप्रैल, जुलाई अक्टूबर में कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष तौर जहां योजनाओं के संचालन सही तरीके से होगा वहीं गुणवत्ता के साथ योजनाएं पूरी करने में मदद मिलेगी। जिला के सभी 18 प्रखंडों को मिलाकर लगभग 100 सुयोग्य कर्मी को बीएफइ (बेयरफुट इंजीनियर) बनने का अवसर मिलेगा। जिसमें 50 महिलाएं 50 पुरूष होंगे। ऐसे इंजीनियरों को कार्य योजना के लिए दी गई राशि का एक फीसदी ऐसे इंजीनियरों को मिलेगा।
यह भी जानें
जिलामें मनरेगा जॉब कार्डधारकों की संख्या 2लाख 52 हजार 576
पुरूषजॉब कार्डधारकों के एक साल का कार्य दिवस 1292194दिन
महिलाजॉब कार्डधारकों के एक साल का कार्य दिवस 554484दिन
ऐसे होगा चयन
मनरेगाके अंतर्गत किए जाने वाले पिछले 2 वर्षों के कार्ययोजना के सभी जॉब कार्डधारकों की सूची तैयार की जाएगी जिसमें पिछले दो वर्षों में कितने दिन काम किया है इसकी सूची बनाई जाएगी। सबसे अधिक दिनों तक कार्य करने वाले को चयन सूची में प्राथमिकता दी जाएगी। चयन में एसटी एससी वर्ग के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। कार्ड होल्डरों की शैक्षणिक स्थिति भी चयन के लिए आधार होगा।
येहोगा लाभ
मनरेगायोजनाओं के लिए जॉब कार्डधारकों के बीच से सुयोग्य लोगों का चयन स्थानीय स्तर पर किए जाने से योजनाओं के संचालन में काफी मदद मिलेगी। ऐसे लोगों को प्रशिक्षण दिए जाने के बाद कहां किस योजना का संचालन हो सकेगा, इसकी जमीनी जानकारी विभाग को मिलेगी।। वहीं योजनाओं का निरीक्षण भी सही तरीके से किया जा सकेगा। अन्य जॉब कार्डधारकों के लिए प्ररेणा बनेगा
समयपर योजना होगी पूरी
^इसकेलिए सेल्फ हेल्प ग्रुप से लोगों को प्राथमिकता के आधार पर चुना जाएगा। योग्य लोगों का चयन करके उसे प्रशिक्षण दिया जाएगा। ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ने से योजनाओं का संचालन सही तरीके से होगा। समय पर योजनाएं पूरी होगी। ^ चंद्रशेखरप्रसाद, उपविकास आयुक्त
ये होगी जिम्मेदारी
चयनितसुयोग्य वर्करों को बेयरफुट इंजीनियर बनाने के लिए प्रशिक्षण के बाद मनरेगा योजनाओं के संचालन में उन्हे शामिल किया जाएगा। ऐसे बेयरफुट इंजीनियर सहायक अभियंता कनीय अभियंताओं के मार्गदर्शन पर योजनाओं का संचालन करेंगे। मनरेगा योजनाओं के तहत होने वाली सिविल इंजीनियरिंग से संबंधित जानकारी के साथ इनके माध्यम से प्रस्तावित योजनाओं की पहचान, तकनीकी सर्वे, योजनाओं के लिए बनने वाले प्लान में सहयोग करना , कार्य योजना, कार्य का बंटवारा, क्षेत्र में किए गए कार्यो की समीक्षा आदि की जिम्मेदारी दी जाएगी।
ये बन सकेंगे इंजीनियर
मनरेगायोजनाओं में पिछले 2 वित्तीय वर्ष से सुयोग्य वर्कर के रूप में योजनाओं के संचालन कराने वाले व्यक्ति को बेयरफुट इंजीनियर बनाया जाएगा। ऐसे युवक युवतियों को कम से कम 10 वीं पास होना जरूरी होगा। स्थानीय लोगों को ही प्राथमिकता के आधार पर चयन किया जाएगा। इसके अलावा एससी एसटी श्रेणी से प्राथमिकता के आधार पर सुयोग्य वर्करों का चयन होगा। चयनित होने वाले कुल सदस्यों में 50 फीसदी संख्या महिलाओं की होगी।
चाईबासा मनरेगा भवन