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घट गया केयू का बजट

7 वर्ष पहले
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कोल्हानविश्वविद्यालय के सीनेट की बैठक शुक्रवार को केयू के प्रशासनिक भवन के सभागार में कुलपति डॉ. आरपीपी सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सिंडिकेट एकेडमिक काउंसिल के पूर्व के सभी निर्णयों को संपुष्ट किया गया। केयू के निर्माण के बाद से सीनेट की यह दूसरी बैठक थी। बैठक की शुरुआत होते ही जमशेदपुर के डा. राजीव कुमार विश्वविद्यालय की कार्यशैली को लोकतांत्रिक तरीके से चलाने की मांग करते हुए ऊंची आवाज में अपनी बात कहने लगे उन्हें शांत कराने के बाद बैठक की कार्रवाई शुरू कराई गई। मौके पर उपस्थित सिंडिकेट सीनेट के सदस्यों ने अपने-अपने सुझाव सवाल सीनेट के अध्यक्ष से समक्ष रखे। बैठक में कोल्हान विवि का कुल बजट घटा दिया गया। 2014 15 के लिए कुल बजट 212.42 करोड़ था जो नए सत्र में घटकर 180. 63 करोड़ का रह गया। 2014 15 में केयू का प्लान बजट 48.75 करोड़ का था जबकि नन प्लान बजट 163.67 करोड़ का था। चालू वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान विवि द्वारा पास किए गए बजट में प्लान मद में 25.80 करोड़ रुपए नन प्लान बजट में 154. 83 करोड़ रुपए रखे गए

ये रहे मौजूद: बैठकका कार्यवाही प्रतिकुलपति डाॅ शुक्ला माहंती ने प्रस्तुत किया। मौके पर कुल सचिव डाॅ एसी दास, डाॅ राजीव कुमार, कुलसचिव एमके मिश्र, राजेश शुक्ला, डाॅ दिवाकर मिंज, परवेज हसन, अमिताभ सेनापति, डाॅ दिगम्बर हांसदा, डाॅ एसएस रजी, डाॅ पद्मजा सेन, फादर निकोल्स टेटे, डाॅ एके सिन्हा, प्रो डीपी जाट, डाॅ आरएन पाठक, डाॅ रागिनी भूषण, डाॅ विनोद कुमार, प्रो मिथलेस कुमार, बाल गोविंद प्रसाद लोहानी, डीपीके प्रसन्न सत्पति, डाॅ बीएन पैनाली, डाॅ डीपी शुक्ला, प्रो के बोइपाई, प्रिया सिंह, डाॅ दसराम बोदरा, डाॅ डीआर क्वेरी, रानी कुजूर, पी कुमार, डाॅ केके शर्मा, वित पदाधिकारी, सुधांशू कुमारा, परीक्षा नियंत्रक डाॅ गंगा प्रसाद सिंह, समन्वयक काॅलेज विकास परिषद्, प्रो एससी महतो प्रो ऐके उपाध्याय उपस्थित थे।

किस कार्य के लिए कितना बजट

ग्रांट इन एड में : 7करोड़

वित्तरहित कॉलेजों के लिए : 1करोड़

फ्रीएजुकेशन फॉर गर्ल चाइल्ड के लिए : 70लाख

केयूका कैम्पस डेवलपमेंट : 10करोड़

एडवांससाइंस एंड रिसर्च सेंटर के लिए . 1करोड़

पूर्वीपिश्चमी सिंहभूम में एक-एक महिला कॉलेज के लिए : एक-एककरोड़

कॉलेज,पीजी सेंटर सेंट्रल लाइब्रेरी के लिए : 2 करोड़

लेबोरेट्री अपग्रेडेशन के लिए : 2करोड़

सेमिनार, सिम्पोजिमय के लिए : 10लाख

भारी संख्या में तैनात रही पुलिस

बैठकमें किसी प्रकार का हंगामा हो इसे देखते हुए विवि प्रबंधन की ओर से भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मुख्य द्वार, भवन में प्रवेश द्वार, सभागार के प्रवेश द्वार पर सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था। मुफ्फसिल थाना के प्रभारी महेन्द्र दास सदर इंस्पेक्टर सुधीर कुमार परिस्थिति का मुआयना करते रहे।

बनेगा ट्राइबल रिसर्च सेंटर

केयूमें आने वाले दिनों में ट्राइबल रिसर्च सेंटर को स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार को सीनेट की बैठक में प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव पर मंजूरी प्रदान की गई। जल्द ही इस दिशा में अगली कार्रवाई शुरू की जाएगी।

वित्तसमिति के लिए तीन सदस्यों का हुआ चुनाव

केयूके वित्त संबंधि मामलों के त्वरित निर्णय कार्रवाई के लिए सीनेट ने तीन सदस्यों को वित्त समिति में शामिल करने का निर्णय लिया वित्त समिति में जमशेदपुर के प्रोफेसर विनोद मंडल , जीसी जैन कॉलेज के प्रोफेसर डीपी जाट केयू के सीसीडीसी एससी महतो को शामिल किया गया है।

शिक्षकोंकी कमी दूर करने के लिए सरकार से होगा पत्राचार

केयूके पीजी समेत अन्य अंगीभूत सभी 15 कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को दूर कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए लगातार पत्राचार करने का निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि शिक्षकों की भारी कमी के कारण गेस्ट फैकेल्टी के माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है।

वेतनके लिए कोष गठन करने का लिया गया निर्णय

सीनेटकी बैठक के दौरान प्रत्येक माह की एक तारीख को नन टीचिंग टीचिंग स्टाफ का वेतन उपलब्ध हो सके इसके लिए सरकार से पत्राचार करने इसके लिए एक कोष के गठन का निर्णय लिया गया।

^विवि के द्वारा कई ऐसे निर्णय लिए गए हैं जो लोकतांत्रिक नहीं हैं। किसी भी अहम निर्णय को लेने के लिए केयू की सिंडिकेट से भी राय मशविरा किया जाना चाहिए विश्वविद्यालय एक शैक्षणिक संस्थान है जो पुलिस के बल पर नहीं चलती है। केयू को खड़ा करने के लिए जिन कम्पूटर ऑपरेटरों ने यह सोचकर अपना मूल्यवान समय दिया कि बाद में उन्हें नियुक्त किया जाएगा ऐसे लोगों को साइड कर आउटसोर्स से कार्य कराना उचित नहीं है। ^ डा.राजीव कुमार, सिंडिकेट सदस्य

^सिंडिकेटको विश्वास में लेकर को-ऑपरेटिव कॉलेज वीमेंस कॉलेज के प्रचार्य को बदला जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ऐसे निर्णय सामूहिक होने चाहिए जिसपर विश्वविद्यालय द्वारा मनमाने तरीके से निर्णय लिया गया। कॉलेजों के छात्रावास जर्जर स्थिति में है, शिक्षकों की कमी के कारण 40 फसदी तक ही पढ़ाई हो पा रही है।^ अमिताभसेनापति, सिंडेकेट सदस्य

बैठक में अध्यक्षता करते कुलपति