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टुकड़े-टुकड़े कर आठ वाहनों को कबाड़ में बेचा

6 वर्ष पहले
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सदरथाना अंतर्गत सदर अस्पताल परिसर में वर्षों से खराब पड़े वाहनों को चाेरों ने एक माह के अंदर 8-10 वाहनों को काटकर स्क्रैप के भाव में बेच डाला। इतना ही नहीं चोरों ने अस्पताल परिसर में रखे गए लोहे के पुराने बेडों को भी बेच डाला। अब सिर्फ अवशेष के रूप में वाहनों का ढांचा रह गया है। इसकी खबर अस्पताल प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों को भी है लेकिन किसी ने चोरी की घटना को रोकने का प्रयास नहीं किया ही पुलिस को इसकी सूचना दी। इतना ही नहीं अस्पताल में 15 गार्ड बहाल किए गए हैं बावजूद इसके अस्पताल परिसर से वाहनों को काटकर चोरी किया जाना लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। चोर वाहनों के कलपुर्जों को छोटे छोटे टुकड़ाें में काटकर सिविल सर्जन कार्यालय परिसर से हाेते हुए ही रिक्शों में लादकर बेचने के लिए ले गए। जानकारी के अनुसार इस चोरी की घटना को कई चोरों ने मिलकर अंजाम दिया है। चोरों ने खराब पड़े वाहनों को आरी ब्लेड से काटा और सुबह कार्यालय खुलने से पूर्व ही रिक्शों में लादकर स्क्रैप टालों में बेचने के लिए ले गए। रविवार को जब कार्यालय बंद थी तो सुबह करीब दस बजे एक रिक्शा में स्क्रैप ले जाते हुए चालक को अस्पताल के कर्मचारी ने रोका, जिस पर रिक्शा चालक ने कहा कि हम तो पहली बार ले जा रहे हैं। मेरे से पहले 7-8 रिक्शा वाले स्क्रैप लादकर लोग ले गए, उन्हें क्यों नहीं रोका गया। बताया जाता कि इस घटना को कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया जा रहा है।

^चोरी के संबंध में सिविल सर्जन ने कहा कि उन्हें पूर्व में इसकी कोई खबर नहीं थी। दो दिन पूर्व इसकी खबर अस्पताल के कर्मचारी ने दी है। चोरी का मामला थाना में दर्ज कराएंगे। यदि कोई चोर चोरी करते दिखे तो इसकी सूचना थाना को देकर स्क्रैप चाेरों को गिरफ्तार करवाएंगे। ^ जगतभूषण प्रसाद, सिविल सर्जन।

अस्पताल में कितने तैनात हैं गार्ड

सदरअस्पताल में हाल ही के दिनों में जमशेदपुर के ठेका एजेंसी द्वारा कुल 15 गार्डों को बहाल किया गया है। जो अलग अलग पालियों में 24 घंटे अस्पताल के विभिन्न वार्डों में ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।

कई सालों से नहीं हुई नीलामी

कईसालों से सदर अस्पताल के पुरानी वाहनों की नीलामी नहीं हुई है। जबकि कई साल पूर्व सरकार से नीलामी का आदेश अस्पताल को मिला था। लेकिन उस समय के सिविल सर्जन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। नतीजतन सरकारी संपत्ति खड़े खड़े स्क्रैप में तब्दील हो गई।

परिसर में कितने वाहन हैं खराब

सरकारीरिकॉर्ड की मानें तो सदर अस्पताल परिसर में कुल 52 खराब वाहनेें खड़ी हैं। जिसमें अधिकतर एंबुलेंस है चिकित्सकों को दी गई सरकारी वाहन शामिल हैं। जिसमें से परिवार कल्याण ब्यूरो कार्यालय परिसर में रखे गए 8 वाहनों को चोरों ने काटकर स्क्रैप के भाव में बेच डाला। जबकि अन्य कई खराब वाहनें अलग -अलग स्थानों पर परिसर में रखे गए हैं। जिसमें से कई वाहनों को मामूली खराबी आने के बाद फंड के अभाव में सड़ने के लिए छोड़ दिया गया है। कुछ वाहनों का इंजन खराब है तो कुछ के टायर ट्यूब खराब हैं। कुछ वाहनें सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त होने के बाद वर्षों से परिसर में खड़ी थी।

चोरी के बाद सदर अस्पताल परिसर में पड़े वाहनों के ढांचे।