नक्सली बंद से वाहनों के थमे पहिए
चाईबासाजेलब्रेक के दौरान मारे गए माओवादी राम विलास तांती एवं टीपा दास की हत्या के विरोध में 12 घंटे के कोल्हान बंद का अनुमंडल के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक असर रहा। हालांकि चक्रधरपुर के शहरी क्षेत्र में बंद बेअसर रहा। यहां बाजार खुले रहे। सुबह से ही शीतलहरी चलने और बूंदा-बूंदी पानी गिरने के कारण बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। मनोहरपुर, गोइलकेरा, सोनुवा, आनंदपुर बंदगांव जैसे नक्सलग्रस्त प्रखंडों में नक्सली खौफ के कारण जिंदगी की रफ्तार थमी रही। मनोहरपुर में रविवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट पर बंद का असर नहीं के बराबर रहा। बंद के बावजूद यहां पर विभिन्न प्रकार की दुकानें आदि लगीं। लंबी दूरी की बसों व्यावसायिक वाहनों का परिचालन पूर्णत: ठप रहा। माओवादी बंद का गोइलकेरा में व्यापक असर रहा। यहां बाजार पूरी तरह बंद रहे, जबकि सड़क यातायात भी ठप रहा। सोनुवा में भी बंद असरदार रहा। साप्ताहिक बाजार में कुछ ही दुकानें लगी थीं। बंद के कारण छोटे यात्री वाहन सड़कों से नदारद रहे। बंदगांव प्रखंड मुख्यालय में नक्सली बंद का असर देखा गया।
चक्रधरपुर : गांव जाने के लिए वाहन का इंतजार करते यात्री।
गोइलकेरा: नक्सली बंद के दौरान गोइलकेरा में खड़े वाहन।
आनंदपुर में बंद का दृश्य।
मनोहरपुर में बंद दुकानें।
बंद रहा आनंदपुर
आनंदपुर|प्रखंडमें बंद असरदार रहा। यहां की सभी दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान आदि पूरी तरह से बंद रहे। जबकि यहां से आवागमन करनी वाली सभी छोटी-बड़ी सवारी गाड़ियों का परिचालन ठप रहा। जिससे लोगों को आवागमन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मनोहरपुर| 12घंटे के बंद का मनोहरपुर में मिला-जुला असर रहा। बंद के कारण यहां की सभी दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान आदि पूरी तरह से बंद रहे। अलबत्ता रविवार को यहां लगने वाले साप्ताहिक हाट पर बंद का असर नहीं के बराबर रहा। दूसरी ओर बंद के कारण मनोहरपुर से रांची, गुमला, सिमडेगा, टाटानगर, राउरकेला, गुवा, जामदा, किरीबुरू, चाईबासा, बड़बिल आदि जगहों पर जाने वाले वाहन नहीं चले। हालांकि ट्रेनों के परिचालन पर बंद का असर नहीं रहा। समाचार लिखे जाने तक किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है।
वाहनों की रफ्तार थमी, लोग रहे परेशान
बंदगांव|माओवादीनक्सली संगठन के बंद का प्रभाव बंदगांव प्रखंड में असरदार रहा। बंद के कारण वाहन नहीं चले।