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सीआरपीएफ के जवानों ने सीखा आर्ट ऑफ लिविंग

7 वर्ष पहले
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प्रेमऔर उत्साह हमें जीवन में आगे बढ़ाता है। हर परिस्थिति में मुस्कुराना है, खुश रहना है। मनुष्य को सबसे प्रेम करना चाहिए। प्रेम में फर्क नहीं करें। जीवन एक उत्साह है, जीवन प्रेम है। ये पाठ मंगलवार को सीआरपीएफ 60 बटालियन कैंप के जवानों ने पढ़ा। ओड़िशा के संबलपुर से आए आर्ट आॅफ लिविंग के ट्रेनर हिमांशु पंडा और मधु लाठ ने मंगलवार की सुबह जवानों को खुश, चुस्त और तंदरुस्त रहने के गुर सिखाए। दोनों ट्रेनरों ने जवानों को अपने जीवन के हर छोटी से छोटी कामयाबी पर उत्साह मनाने को कहा। वहीं जवानों को सुदर्शन क्रिया, योगा, प्रणायाम आदि के फायदे बताए गए। शिविर में अधिकारियों समेत 90 जवान शामिल हुए थे। अंत में कमांडेंट सैयद हबीब असगर ने ट्रेनर हिमांशु पंडा मधु लाठ को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में डिप्टी कमांडेंट संजय यादव, रोटरी क्लब के अध्यक्ष प्रवीर प्रमाणिक, सचिव विनोद भगेरिया, सज्जन भगेरिया, प्रफुल्ल पाठक, राकेश महेश्वरी, सतीश अग्रवाल मौजूद थे।

ट्रेनिंग देते ट्रेनर।

आर्ट ऑफ लिविंग के गुर सीखते सीआरपीएफ के जवान।

राणी शक्ति मंदिर में 14 तक चलेगा कार्यक्रम

शहरके राणी शक्ति मंदिर में 14 दिसंबर तक आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम आयोजित होगा। सुबह साढ़े पांच से साढ़े आठ बजे तक तथा दोपहर तीन से छह बजे तक कार्यक्रम चलेगा। वहीं 14 दिसंबर को शाम छह बजे सत्संग आयोजित होगा। 11 दिसंबर को 9 बजे संत जेवियर्स इंग्लिश स्कूल में कार्यक्रम होगा।

शहर में जगह-जगह लगा शिविर

मंगलवारको चक्रधरपुर के विभिन्न स्थलों पर आर्ट ऑफ लिविंग के शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान शहर के लोगों को दोनों ट्रेनरों ने बताया कि श्रीश्री रविशंकर जी खेल, ज्ञान और ध्यान के माध्यम से लोगों को खुश रहने का उपाय सहज रूप से बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगा से जीवन में स्थिरता आती है। अपने आप से मिलना सिखाता है। शरीर को चुस्त और मस्त करता है। रोटरी क्लब की ओर से चक्रधरपुर सीआरपीएफ 60 बटालियन कैंप आसनतिलया, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर तुलसी भवन और राणी शक्ति मंदिर में आर्ट ऑफ लिविंग शिविर का आयोजन कराया गया।