हिंदी-अंग्रेजी जानना जरूरी: बुधराम
लर्निंगइनहांसमेंट प्रोग्राम के तहत बुनियाद प्लस प्रशिक्षण के दूसरे दिन मंगलवार को अंग्रेजी भाषा के शिक्षण अधिगम के कुछ मुख्य पहलुओं के बारे में बताया गया।
इस विषय पर बच्चों के लर्निंग लेवल को बढ़ाने के लिए किए जाने वाले प्रयासों का प्रयोग कराया गया। मास्टर ट्रेनर बुधराम महतो और गजेंद्र महतो ने बताया कि अंग्रेजी भाषा के पाठन का मुख्य पहलू यह है कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है और यहां कई तरह की भाषाएं बोली जाती हैं।
मातृभाषा तथा क्षेत्रीय बोलियां जानने के साथ राष्ट्रीय भाषा (हिन्दी) तथा वैश्विक भाषा (अंग्रेजी) की जानकारी बच्चों को होनी जरूरी है। किसी भी भाषा को सीखने के लिए यह आवश्यक है कि उस भाषा को सुनने, बोलने के पर्याप्त अवसर मिले। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तौर पर अंग्रेजी भाषा सिखाने के लिए निवेश समृद्ध संप्रेषण का वातावरण होना चाहिए। जिसमें पाठ्यपुस्तकें, कथा चित्र, वर्ग कक्ष, लाइब्रेरी एक से अधिक भाषा में समानांतर पुस्तकें और सामग्री, समाचार पत्र, दृश्य-श्रव्य उपकरण, कैसेट, सीडी, चित्र, पोस्टर, कहानी चित्र शामिल हैं।