मार्च में परीक्षा, खाक पढ़ेंगे बच्चे
वर्गएक से आठवीं तक पढ़ने वाले चक्रधरपुर प्रखंड के 29 हजार बच्चों की वार्षिक परीक्षा मार्च में होनी हैं। लेकिन विडंबना यह कि पढ़ने के लिए किताबें अब बंट रही हैं। परीक्षा होने में 75 दिन ही शेष हैं। हैरानी यह कि त्रैमासिक छमाही परीक्षा बच्चों ने बिना किताब पढ़े ही दी हैं। बता दें कि प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय के छात्र-छात्राओं को सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ग एक से अष्टम वर्ग तक के छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क किताबों का वितरण करने की व्यापक व्यवस्था की गई है। लेकिन चालू सत्र में किताबें मिली ही नहीं। हाल यह है कि चक्रधरपुर प्रखंड में कक्षा तीन के विद्यार्थियों को अब तक किताबें नहीं मिली हैं। पुस्तक के अभाव में बच्चे विद्यालय में पढ़ने के नाम पर खानापूर्ति उपस्थिति दर्ज कराने रहे हैं।
प्रखंड संसाधन केंद्र में किताब लेते शिक्षक।
प्रखंड संसाधन केंद्र में वितरण के लिए रखी गई किताबें।
देर से पहुंची किताबें
^चालूसत्र में किताबें देर से पहुंची हैं। वर्तमान में कक्षा एक और पांच की किताबें बांटी जा रही हैं। कक्षा तीन की किताबें अब तक नहीं पहुंची हैं। जबकि बाकि कक्षा की किताबें पहले ही बंट चुकी हैं। पढ़ाई में दिक्कत आए, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। कक्षाएं पास कर चुके बच्चों से पुरानी किताबें लेकर कुछ बच्चों में बांटी गई थीं।^ अजयकुमार, बीपीओचक्रधरपुर
मार्च में होनी है वार्षिक परीक्षा
चालूशैक्षिक सत्र समाप्ति की ओर है। मात्र 75 दिन के अंदर बच्चों को वार्षिक परीक्षा देनी है। बिना किताब के ही विद्यार्थी वर्ष 2014-15 की पढ़ाई किए। ऐसे में कैसे परीक्षा पास करेंगे? यह आश्चर्य की बात है। इधर, विभाग के पदाधिकारी कहते हैं कि कक्षा तीन की किताब अब तक नहीं पाई है। वर्तमान में शिक्षकों को कक्षा एक और पांच की किताबें मिल रही हैं।
ये भी जानें
कुलविद्यालय
238
विद्यार्थी
29000
सत्रकी वार्षिक परीक्षा
मार्च2015 में