स्कूल से ले गए और बना दिया उग्रवादी
शिक्षकों से भी लेवी की मांग
गौरतलबहै कि हाल के दिनों में चक्रधरपुर, कराईकेला बंदगांव थाना क्षेत्र के कई शिक्षकों से पीएलएफआई संगठन के सदस्यों द्वारा लेवी मांगे जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ था। सुगंधिनी बो दरा की गिरफ्तारी से ऐसे शिक्षकों को राहत मिलेगी।
एरिया कमांडर के पास जा रही थी
सुगंधिनीने पुलिस को बताया कि वह उग्रवादी संगठन से पिछले सात साल से जुड़ी रही है। उसके पास बरामद रुपए लेवी के हैं। लेवी के ये रुपए वह खूंटी के एक ठेकेदार से लेकर लौट रही थी। उसने बताया कि वह लेवी के रुपयों को पीएलएफआई के एरिया कमांडर आसीशन सोय को देने जा रही थी।
हत्याकांड में है आरोपी
एएसपीने बताया कि गिरफ्तार सुगंधिनी के खिलाफ मुरहू थाने में हत्या और ह्यूमन ट्रैफिकिंग सहित तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी। उन्होंने बताया कि सुगंधिनी के साथ उसके ससुराल वालों के बीच विवाद भी हुआ था। इस मामले में उसने अपने ससुरालवालों पर मारपीट प्रताड़ित करने की शिकायत भी की थी।
बहन को भेजा था दिल्ली
पूछताछके क्रम में सुगंधिनी बोदरा ने पुलिस को बताया कि उसके पीएलएफआई में शामिल होने के बाद संगठन द्वारा उसकी छोटी बहन को भी संगठन में शामिल कराने की तैयारी की गई थी। बहन को बचाने के लिए उसने अपनी बहन समेत सात लड़कियों को दिल्ली भेज दिया था, जिन्हें पुलिस ने बाद में बरामद कर लिया। इस मामले में उसके खिलाफ वर्ष 2009 में मुरहू थाने में ह्यूमन ट्रैफिकिंग का मामला भी दर्ज किया गया था। साथ ही उसे गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया था। वर्ष 2010 में वह जेल से छूटी थी।
भास्कर न्यूज|चाईबासा
पुलिसके हत्थे चढ़ी पीएलएफआई की सदस्य सुगंधिनी बोदरा अपनी इच्छा से उग्रवादी नहीं बनी, बल्कि उसे जबरन संगठन से जोड़ा गया। वह भी उस समय जब वह स्कूल में पढ़ती थी। उसका बचपन उग्रवादियों के कैंप में ही गुजरा। वहीं शादी की।
सीआरपीएफकैंप के पास बनाया था डेरा
एएसपीने बताया कि सुगंधिनी जब स्कूल में पढ़ती थी तो उसी समय संगठन के दिनेश बोदरा उर्फ लोगों ने उसे उठा लिया था। इसके बाद वह संगठन के लिए काम करने लगी। इसी बीच दिनेश बोदरा ने उससे शादी भी कर ली थी। उन्होंने बताया कि शादी के बाद वर्ष 2010 में सुगंधिनी खूंटी के सीआरपीएफ कैंप के पीछे रहने लगी। वहीं पर उसने एक बच्चा जन्म दिया।
वर्ष 2