सब्जी लेकर ओड़िशा से रही गाड़ियों को रोका
शुुक्रवारको प्रखंड के बारंगा अभयपुर गांव के बीच बारंगा आसपास गांवों के कुछ किसानों ने ओड़िशा राज्य से आने वाली सब्जी लदी 5 गाड़ियों को रोक दिया। जिससे करीब एक लाख रुपए से ज्यादा की सब्जियां बाजार में नहीं पहुंच सकीं और किसानों को इसका नुकसान उठाना पड़ा। विरोध स्वरूप झारखंड-ओड़िशा के बाॅर्डर पर अवस्थित बिरंगाटांड़ में ओड़िशा के किसानों ने भी झारखंड की ओर से जाने वाली सब्जियों अन्य सामानों की गाड़ियों को रोक दिया।
इसके बाद काशीजोड़ा गांव में ग्रामीण, पंचायत जनप्रतिनिधियों राज्य के सीमावर्ती गांवों के किसानों ने आपस में बैठक कर मसले का हल निकालने का प्रयास किया। बैठक में कोलपोटका के वरिष्ठ किसान दर्शन महतो, झारबेड़ा पंचायत के मुखिया दिलबर खाखा, कोलपोटका के पंसस सुनील लुगून, भरत महतो, जोलजस कुजूर, घनश्याम महतो, विजय महतो, अनादि महतो के अलावा ओड़िशा के किसान सुजीत हेंब्रम, गणेश महतो, मंगल सिंह, बाहा उरांव, श्याम सुंदर महतो, घूमा उरांव, फकीर उरांव, प्यारसन मुंडा, रतिया उरांव के अलावा काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
काशीजोड़ा में बैठक करते किसान।
विरोध करने वाले किसान सब्जी की कीमत में करेंगे मनमानी
ज्ञातहो कि ओड़िशा के इन गांवों के किसान मनोहरपुर के रास्ते बंगाल के खड़गपुर, मिदनापुर, ओड़िशा के झारसुगुड़ा, राजगंगपुर, राउरकेला, चाईबासा, किरीबुरू, चक्रधरपुर, टाटानगर आदि शहरों तक अपनी सब्जियां बेचने को ले जाते हैं। इसका दूसरा फायदा मनोहरपुर के लोगों को यह होता है कि सब्जियां उन्हें कम दाम पर मिल जाती हैं। अगर ओड़िशा की सब्जियां यहां नहीं पहुंचेगी तो विरोध करने वाले किसान सब्जी की कीमत के मामले में मनमानी करेंगे।
गाड़ियोंका दिलाया गया भाड़ा
इधरबैठक में उपस्थित घनश्याम महतो से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में निर्णय के तहत सब्जियों से लदे 5 वाहनों को किराए के तौर पर 4 हजार रुपए विरोध करने वालों से दिलवाए गए। साथ ही ओड़िशा के किसान अगले दिन आकर सब्जियां बेचने की बात कह कर अपनी सब्जियां वापस ले गए। जबकि विरोध करने वालों ने आगेे से इस तरह का विरोध नहीं करने की बात कही।
क्या है मामला
काशीजोड़ामें हुई बैठक के दौरान बारंगा, जराटोली, मधुपुर आदि गांवों के किसानों के प्रतिनिधि के तौर पर विजय महतो ने बताया कि ओड़िशा के किसान मनोहरपुर की सब्जी मंडी में गाड़ियों में सब्जी लादकर ले आते हैं। जिससे इधर के किसानों को सब्जियों की मनमाफिक कीमत नहीं मिल पाती है। हमारी सब्जियां बिक नहीं पाती हैं। जबकि बैठक से पहले ओड़िशा के किसानों में से अनिल मुंडा ने बताया कि विरोध करने वाले मनोहरपुर में सब्जी लाकर बेचने से मना कर रहे हैं। ओड़िशा से वाली गाड़ियों को मनोहरपुर में जाने से रोक दिया गया। जिससे हम किसानों को एक लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा है। साथ ही रोकने वाले प्रति गाड़ी 5 हजार रुपए की मांग भी कर रहे थे।
ओड़िशाबाॅर्डर पर भी रोकी गई गाड़ियां
झारखंडमें ओड़िशा से सब्जी लेकर आने वाले किसानों की गाड़ियों को रोके जाने के विरोध में बाॅर्डर के बिरंगाटांड़ में ओड़िशा के किसानों ने भी झारखंड की गाड़ियों के प्रवेश पर रोक लगाते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। दूसरी ओर इसकी खबर मिलने पर बाॅर्डर से सटे मनोहरपुर प्रखंड के किसानों ने भी ओड़िशा की सब्जी गाड़ियों को मनोहरपुर में प्रवेश पर रोक लगाने का विरोध किया। इसको लेकर काशीजोड़ा में बैठक की। मालूम हो कि ओड़िशा के बिश्रा नुआगां प्रखंंड के उरमई, पतराटोली, कुला गोजो, लिंडीदिरी, करईकेरा, खटांगबेड़ा, बांकी, चितापीड़ी, गंजूर, कातेपुर, लोबराम आदि गांवों के किसान अपनी सब्जियों को बेचने के लिए रोजाना मनोहरपुर आते हैं।