विश्वकर्मा और मां मनसा की पूजा आज
इनइलाकों बनाया गया है पंडाल
पति बच्चों के लिए रखा व्रत
संतानोंकी दीर्घायु, सुख-सौभाग्य और समृद्धि की कामना के लिए माताओं ने मंगलवार को जिवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत रख कर पूजा-अर्चना की सबसे पहले महिलाएं शहर के पुरानीबस्ती छठघाट पहुंची। जहां पर पंडितों ने घट स्थापित कर जिउतिया पूजा की। माताओं ने दिन भर निर्जला उपवास रहकर पति पुत्र की लंबी आयु परिवार की सुख-समृद्धि के लिए सामूहिक रूप से जितवाहन चिल्हों सियारों की कथा सुनीं। पूजा के बाद सुहागिनों ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाया। वहीं देर शाम को शहर और ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न जगहों पर जिउतिया की पूजा हुई। माताओं ने यह पूजा सोमवार से ही शुरु कर दी थी। सोमवार को नहाय खाय नियम का पालन किया गया। सुबह संजय नदी में स्नान करने के बाद गीले वस्त्रों में झींगा की तीन पत्तियों पर चिल्हो (चिल) सियारों (सियार) जितवाहन भगवान के नाम से सरसों का खल्ली पानी में भिगाकर चढ़ाया। इसके बाद पूजा पाठ करने के बाद भोजन ग्रहण की थी। व्रती बुधवार को पारना पूजा करेंगी। पारना करने के बाद जिउतिया पूजा संपन्न होगी।
पोटरखोली इलेक्ट्रिक सब स्टेशन, सीनियर सेक्शन इंजीनियर पी वे कार्यालय, सीनियर सेक्शन इंजीनियर वर्क कार्यालय पूर्व एवं पश्चिम, आरी कॉलोनी इलेक्ट्रिक सब स्टेशन, ऑपरेटिंग कार्यालय, सिगनल एंड टेलीकॉम कार्यालय, सीसीटीएन, लोको शेड, ट्रेन लाईटिंग कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग कार्यालय, टेम्पो स्टैंड, रिक्शा स्टैंड।
पुरानी बस्ती के छठघाट में कथा सुनने जुटीं महिलाएं
मां मनसा की प्रतिमा
संतान की दीर्घायु के लिए जिउतिया की पूजा करतीं महिलाएं