बच्चों को दी गई कृमिनाशक दवा
भास्कर न्यूज। चक्रधरपुर/गोइलकेरा
बुधवारको पोड़ाहाट अनुमंडल के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष अभियान के तहत कृमि मुक्ति दिवस मनाते हुए कृमिनाशक दवा दी गई। अल्बेंडा जोल नामक टेबलेट हर बच्चे को दिया गया। अनुमंडल के चक्रधरपुर, गोइलकेरा, सोनुवा, मनोहरपुर, आनंदपुर और बंदगांव के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में यह दिवस मनाया गया। गोइलकेरा के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय से अभियान की शुरुआत की गई। मुखिया पायो बेसरा एवं गोइलकेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. सरयू प्रसाद सिंह ने छात्राओं को कृमिनाशक दवा दी। उन्होंने मौके पर कृमिनाशक दवा की महत्ता भी बताई। डा. सिंह ने कहा कि एक साल से 19 साल तक के बच्चों युवाओं में तीन प्रकार की कृमि होते हैं। खासकर शून्य से पांच साल तक के बच्चों में कृमि होने से उनका शारीरिक मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। पांच साल तक के बच्चों को 400 एमजी एलबेंडाजोल की आधी गोली उससे ऊपर के आयु वाले बच्चों को एक गोली 6 माह में देना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार भारत जैसे देश में प्रत्येक 10 बच्चों में से 7 बच्चों में कृमि की शिकायत है। इसको लेकर भारत सरकार द्वारा पूरे देश में 10 फरवरी को अभियान चलाकर कृमिनाशक दवा का वितरण किया गया। डा. सिंह ने कहा कि छूटे हुए बच्चों को 15 फरवरी तक दवा दी जाएगी। इस मौके पर मुखिया पायो बेसरा द्वारा कस्तूरबा की छात्राओं को एलबेंडाजोल की गोली खिलाकर अभियान की शुरुआत की गई। मौके पर विनय महंती, ममता प्रधान आदि उपस्थित थे।
कस्तूरबा की छात्राओं को कृमि की दवा देतीं मुखिया पायो बेसरा।