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भाषा संस्कृति को बचाने पर जोर

7 वर्ष पहले
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कार्तिकपूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरुवार को मनोहरपुर के उंधन गांव में कुड़मी भवन के प्रांगण में आदिवासी कुड़मी समाज के रास मिलन समारोह का आयोजन संपन्न हुआ। इस मौके पर समाज की ओर से कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। इस दौरान उंधन चौक पर शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर समाज के लोगों द्वारा माल्यार्पण किया गया। उसके बाद आयोजन स्थल पर पूजा-पाठ, झंडोत्तोलन के साथ जिप सदस्य संतोषी देवी, लक्ष्मण महतो लक्ष्मीधर महतो द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में झारखंड कुड़माली विकास परिषद् के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश महतो के अलावा कदम बिहारी महतो, नरेंद्र, गणेश्वर, शंकरलाल समेत अन्य कई वक्ताओं ने अपने-अपने संबोधनों में कुड़मी समाज की भाषा संस्कृति को बचाने पर जोर दिया। इन्होंने कहा कि संस्कृति और भाषा को बचाए बगैर हमारा कोई अस्तित्व नहीं रहेगा। हमारी भाषा संस्कृति आदिवासी है। समारोह का संचालन पंकज महतो ने किया। मौके पर चुनाव के प्रति जागरूक होने की बात भी कही गई।

मौके पर ये थे उपस्थित

लक्ष्मीमहतो, जोगेन महतो, भरत महतो, अनिल महतो, राजबिहारी महतो, मुरलीधर महतो, कार्तिक महतो, सरोज महतो, राजकिशोर महतो, संतोष महतो आदि।

15 नृत्य टोलियों ने मोहा मन

इस मौके पर मनोहरपुर प्रखंड के लख्मीपुर, बारंगा, महुलडीहा, तरतरा, मधुपुर, सिमिरता, घाघरा, रेंगालबेड़ा, केंदुसाई, ईचापीड़, बड़पोस, कमारबेड़ा आदि गांवों के अलावा सोनुवा की दो तथा चक्रधरपुर की एक नृत्य मंडली द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने झूमर अन्य प्रकार के नृत्य से लोगों का मन मोह लिया। मौके पर विभिन्न टोलियों की बच्चियों द्वारा प्रस्तुत नृत्य ने सभी का दिल जीत लिया। लोग ढोलक मांदर की थाप पर झूमते नजर आए।