कैसे होगा तालाब का उद्धार
रानीतालाब को बचाने की कवायद में नगर पर्षद दोहरी चाल चल रहा है। एक तरफ तो तालाब को अतिक्रमण करने वालों निजी नालियों को तालाब में गिराने वालों को नोटिस दी जा रह है, वहीं नगर पर्षद की आधा दर्जन नालियों का कचरा अब तक तालाब में ही गिर रहा है।
इस पर कोई रोक नगर पर्षद ने नहीं की है। जबकि एसडीओ का साफ निर्देश है कि नालियों का प्रवेश तालाब में रोका जाय। वहीं सिर्फ तालाब के चारों ओर ही अतिक्रमणमुक्त करने के लिए मापी किए जाने तालाब के निकासी नाली की मापी नहीं होने से भी लोगों में नाराजगी है। प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद लोग संशय में हैं।
नालियों के पानी से गंदा हुआ रानी तालाब का पानी।
^जनहित में तालाब को बचाने के लिए निकास नाली का रास्ता साफ हो। यहां ज्यादा अतिक्रमण हुआ है। निकास नाली नहीं रहेगी, तो तालाब का पानी बरसात में किधर से जाएगा।^ राजेशशुक्ला, वार्ड पार्षद
^तालाब से अतिक्रमण हटाने के मामले में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई हो रही है। आधा-अधूरा काम हो रहा है। अतिक्रमण हटाना ही है तो पूरी जमीन की मापी हो। वरना दिखावा बंद हो।^राजू कसेरा,वार्ड पार्षद
25 दिन की टाइम लाइन
एसडीओपोड़ाहाट द्वारा रानी तालाब को बचाने के लिए 25 दिनों का टाइम लाइन नगर पर्षद अंचलाधिकारी को दिया गया है। इसके लिए मापी कर अतिक्रमण हटाने के अलावा कचरा, नालियों को तालाब में आने से रोकने आदि का निर्देश है। इस संबंध मे एसडीओ ने नगर पर्षद के अभियंता को भी तलब किया था। देखना है दोषियों के खिलाफ कब कार्रवाई होती है।
एसडीओ से मिले वार्ड पार्षद, रखी मांगें
मंगलवारको वार्ड नंबर छह, चार तीन के वार्ड पार्षद एसडीओ से मिलकर रानी तालाब से जुड़ी समस्याओं को रखा है। वार्ड पार्षद राजू प्रसाद कसेरा राजेश शुक्ला ने एसडीओ रविशंकर शुक्ला से मिलकर तालाब के एक भाग के प्लॉट 85, 86 ,116 16, 117 के इलाके से गुजरने वाली तालाब की निकासी नाली को भी अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की है। बताया गया है कि वार्ड संख्या पांच की ओर से भारी पैमाने में तालाब की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। जिसके कारण तालाब की निकासी नाली जाम हो गई है। बरसात में तबाही का सामना करना पड़ता है। वहीं तालाब में गंदगी डालने से प्रदूषण फैल रहा है। अतिक्रमण से सरकारी संपत्ति लुप्त होती जा रही है। वार्ड पार्षदों ने मांग की है कि प्लॉट संख्या 16 117 से भी अतिक्रमण हटाया जाय। वार्ड पार्षदों के अनुसार एसडीओ ने पूरे क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की बात कही है।
100चिह्नित, 17 को नोटिस
तालाबमें अतिक्रमण करने नालियों का मुंह तालाब की ओर करने के मामले में 100 से ज्यादा लोग चिह्नित हैं। इसमें से सिर्फ 17 को ही नोटिस मिला है। इससे लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर शहर के उद्धार के हित में काम हो रहा है तो पूरे तालाब क्षेत्र का अतिक्रमण हटे सबको नोटिस मिले।