ग्रुप डी कर्मियों का बदलेगा पदनाम
रेलवेमें ग्रुप डी पद पर कार्यरत रेलकर्मियों के पदनाम बदलने की स्वीकृति रेलवे बोर्ड ने दे दी है। ग्रुप डी पद पर कार्यरत रेलकर्मियों को अब मल्टी टास्किंग स्टॉफ (एमटीएस) के नाम से जाना जाएगा। रेलवे बोर्ड ने छठवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिश और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के दिशा-निर्देश के आलोक में 1800 ग्रेड पे पर कार्यरत सभी विभागों के कर्मचारियों की सूची तैयार कर उनके पदनाम तय किए गए हैं। रेलवे के सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, सिग्नल एंड टेलीकॉम, स्टोर, वाणिज्य, प्रशासनिक, यातायात, स्वास्थ्य, अभियंत्रण सहित अन्य विभागों में अब ग्रुप डी कर्मचारियों को नए पदनाम मिलेंगे। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मैन (एनएफआईआर) को एक पत्र भेजा है।
इस प्रकार से बदलेगा पदनाम
वाणिज्यविभाग में कार्यरत सहायक रसोइया, सफाईकर्मी, संदेशवाहक ग्रुप थ्री, कुरियर सेवक, हेड वेटर, हेड बियरर, को छठवें वेतन आयोग की सिफारिश के अनुसार एमटीएस कामर्शियल कैटरिंग का पदनाम मिलेगा। पोर्टर, वरिष्ठ पोर्टर, बिल पोर्टर, कुरियर ग्रुप टू, कुरियर ग्रुप वन, प्रतीक्षालय अटेंडेंट, ब्रिज अटेंडेंट, स्किडमैन, वाटर मैन, चौकीदार, वरिष्ठ चौकीदार, वरिष्ठ बॉक्स पोर्टर को एमटीएस कामर्शियल लाइन तथा सफाई वाले का पदनाम एमटीएस कामर्शियल सेनिटेशन होगा। अन्य विभागों में कार्यरत ग्रुप डी कर्मचारियों के पदनाम भी इसी प्रकार से होंगे।
ट्रैकमेंटेनर ट्रॉली मैन के पदनाम में बदलाव नहीं
रेलवेबोर्ड ने इंजीनियरिंग विभाग के ग्रुप डी श्रेणी के 1800 से 2800 ग्रेड पे में शामिल ट्रैक मेंटेनरों को इससे अलग रखा है। रेलवे का मानना है कि ट्रैकमैन को ट्रैक मेंटेनर का पदनाम पहले ही दे दिया गया है। वहीं सिग्नल एंड टेलीकॉम विभाग के ट्रॉली मैन का नाम भी नहीं बदला जाएगा।