सड़कों पर रहा सन्नाटा, यात्री रहे परेशान
नक्सलियोंद्वारा आहूत दो दिवसीय बंद का असर दूसरे दिन कमोवेश पूरे अनुमंडल में देखने को मिला बंद का घाटिशला, मुसाबनी, धालभूमगढ़, गालूडीह, बहरागोड़ा, चाकुलिया, गुड़ाबांदा, डुमिरया आदि क्षेत्रों में देखा गया बंद के दौरन घाटिशला मेन रोड स्थित सभी दुकानें बंद रहीं। वाहन भी एक-दुक्का ही चले। बंद के कारण बैंकों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहने के कारण लाखों रुपए का लेनदेन प्रभावित हुआ। स्कूल, कॉलेजों में पहले से ही छुट्टी दे दी गई थी। हालांकि रेल यात्रा अन्य दिनों की तरह सामान्य रही। इसके कारण लोगों को अपने गंतव्य स्थानों पर आने जाने में काफी परेशानी हुई।
नक्सली बंद के दौरान सुना पड़ा बाजार और सड़क
चाकुलिया बाजार में बंद पड़ी दुकानें
मुसाबनी में बंद पड़ी दुकानें
धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़में माओवादी बंद के कारण गिरे दुकानों के शटर।
जादूगोड़ा में माओवादी बंद का असर नहीं देखा गया। रोज की तरह दुकानदारों ने समय पर अपनी दुकानें खोली। यूसील के कर्मचारी अन्य दिनों की तरह काम पर गए। मुसाबनी से जमशेदपुर और हाता जाने वाली मुख्य सड़क पर यात्री वाहन नहीं चले। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन बंद में ऑटो चालकों की चांदी रही। यात्रियों से मनमानी भाड़े की वसूली की। वहीं क्षेत्र के माटीगोड़ा, राखा काॅपर, तिलाईटांड, जादूगोड़ा मार्केट की दुकाने खुली रहीं। बिजली कार्यालय, बैंक आदि की सेवाएं बंद से प्रभावित नहीं हुईं।
बंद के कारण यात्री वाहनों का परिचालन ठप रहा। वहीं एनएच 33 और एनएच 6 पर वाहनों का परिचालन पूर्व की ही तरह जारी रहा। यात्री वाहनों के नहीं चलने के कारण यात्रियों को आवागमन में परेशानी हुई। बहरागोड़ा में स्कूल, बैंक और अन्य सरकारी कार्यालय खुले रहे।
मुसाबनी आसपास के क्षेत्रों में बंद असरदार रहा। बंद के दौरान सरकारी गैरसरकारी शैक्षणिक संस्थान, बैंक, डाकघर, बाजार, दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। वहीं बस स्टैंड से लंबी दूरी के एक भी वाहन नहीं चले।
गालूडीह क्षेत्र में बंद पूरी तरह से सफल रहा। गालूडीह में शहरी एवं देहाती क्षेत्र के बाजार, सरकार, गैर सरकारी प्रतिष्ठान, स्कूल आदि बंद रहे। वहीं सड़कों पर एक भी वाहन नहीं चले। दिन भर लोग परेशान रहे।
भाकपा माओवादियों द्वारा आहूत एक दिवसीय झारखंड बंद असरदार और शांतिपूर्ण रहा। गुड़ाबांधा-श्यामसुंदरपुर क्षेत्र में व्यावसाय