कुछ भी बनो, पर सबसे पहले इंसान बनो: शर्मा
मुसाबनीनं.3 गुरुद्वारा के समीप संत निरंकारी मंडल के तत्वावधान में बुधवार को सत्संग का आयोजन किया गया। इस सत्संग में मसूरी से आए महाराज हेमराज शर्मा ने सदगुरू हरदेव सिंह के संदेशोंं को साझा किया। उन्होंने कहा कि सदगुरू का संदेश है कि कुछ भी बनो मुबारक है, पर सबसे पहले इंसान बनो। इसी संदेश को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि आत्मा को जब ईश्वर का बोध हो जाता है, तो परमपिता से मुलाकात हो जाती है। ऐसी अवस्था में आनंद की प्राप्ति होती है। जिस अवस्था में मीरा, भक्त प्रह्लाद ने ईश्वर को प्राप्त किया। उसी अवस्था को सत्संग में बताया जाता है। उन्होंने कहा कि एक को जानो, एक को मानो और एक हो जाओ। एक हो जाने का अर्थ परमात्मा से मिलना है। धर्म का अर्थ जोड़ना है तोड़ना नहीं। गुरुदेव ने सबको एकजुट होने की शिक्षा दी है। इस सत्संग में चाकुलिया, जमशेदपुर, रांची से आए महात्माओं ने भाग लिया। इस अवसर पर काफी संख्या में सत्संगी उपस्थित थे। इस सत्संग के सफल आयोजन में वचन सिंह, सुराई हांसदा, देवनाथ प्रसाद, छेतर माझी, संध्या प्रसाद, कलबीर सिंह, भुवनेश्वर महतो, डमन हांसदा ने सराहनीय भूमिका निभाई।
मुसाबनी नं.3 गुरुद्वारा के समीप आयोजित सत्संग में उपस्थित सत्संगी
सत्संग को संबोधित करते महाराज हेमराज शर्मा