बिचौलिए मालामाल, जनता बेहाल
पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दूसरे राज्य में आलू भेजने पर लगी रोक के कारण आलू की कीमत चरम पर है। इस रोक का फायदा सीमावर्ती क्षेत्र के बिचौलिए उठा रहे हैं। जिसका बोझ आम नागरिकों की जेब पर पड़ रहा है। शनिवार को चाकुलिया मुस्लिम बस्ती स्थित साप्ताहिक हाट में आलू 25 से 28 रुपए तक बिका। इस साप्ताहिक हाट में कुछ पश्चिम बंगाल के व्यवसायी चोरी छिपे चाकुलिया आलू लेकर पहुंचे थे। वहीं चाकुलिया नया बाजार सब्जी मार्केट में आलू 28 से 30 रुपए पुराना बाजार सब्जी मार्केट में 30 रुपए प्रति किलो बिका।
इसके पूर्व लगभग चार दिनों पूर्व आलू की कीमत 22 रुपए प्रति किलो थी। आलू की कीमतों में वृद्धि होने से मजदूर वर्ग के लोग काफी परेशान हैं। वह सब्जी खाने से परहेज करने लगे हैं। इससे उनके समक्ष सब्जी रोटी पर भी आफत गई है। क्यों कि इस महंगाई में वह अपने को असहाय दिख रहे हैं।
अवैध वसूली से आलू के दाम मेें वृद्धि
जगह-जगहपुलिस लोगों द्वारा अवैध वसूली के कारण आलू की कीमतों में वृद्धि देखने को मिल रही है। पश्चिम बंगाल के रायपुर बीनपुर के कोल्ड स्टोरेज से स्थानीय व्यापारी साढ़े सतरह से अठारह रुपए प्रति किलो की दर से आलू खरीद रहे हैं। वहीं इसे स्थानीय बाजारों में 28 से 30 रुपए प्रति किलो बेचा जा रहा है।
आंशिक व्यापार पर बनी सहमति
आलूव्यापारियों की हड़ताल के आलोक में शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने व्यापारियों संग वार्ता की। जिसमें सरकार द्वारा दूसरे राज्यों को आंशिक रूप से आलू बेचने पर सहमति जताई गई। वहीं शनिवार को पुन: व्यापारियों के साथ एक बैठक हुई।
क्या कहते हैं आलू के व्यापारी
^पश्चिमबंगाल से आलू साढ़े सतरह से अठारह रुपए प्रति किलो खरीदा जा रहा है। पुलिस चेकनाका पर वाहन पास कराने की एवज में अवैध पैसे की वसूली कर रही है। इससे आलू की कीमतों में वृद्धि हुई है।^ अनूपकर, थोकविक्रेता, चाकुलिया।
^ममता सरकार द्वारा दूसरे राज्यों में आलू सप्लाई पर प्रतिबंध समझ से परे है। पश्चिम बंगाल के कोल्ड स्टोरेज में आलू की कोई कमी नहीं है। ^शंकर दत्त,आलू-प्याजविक्रेता, चाकुलिया।
^बीते कुछ दिनों से आलू की कीमतों में इजाफा हुआ है। जिसके कारण आलू की बिक्री में कमी आई है।^ विकासहलधर, आलूविक्रेता, चाकुलिया
हरी सब्जियों पर लोगों का झुकाव
आलूकी कीमत में वृद्धि होने के कारण लोग इसकी खरीदार