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चुनाव में जनता पूछेगी सवाल

7 वर्ष पहले
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समीर के कारण बिगड़ेगा चुनावी समीकरण

समीर का किया गया स्वागत

चाकुलिया| गठबंधनकी राजनीति में बलि का बकरा बने आजसू जिलाध्यक्ष समीर महंती ने आखिरकार झाविमो का दामन थाम लिया। बुधवार की रात समीर महंती अपने कार्यकर्ताओं संग तमाड़ पहुंच कर झाविमो सुप्रीमो सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मारांडी की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। गुरुवार की सुबह पुराना बाजार के बिरसा मुंडा चौक पर समीर महंती ने बिरसा मुंडा की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। इसके पश्चात झाविमो कार्यकर्ताओं ने समीर महंती को फूलमाला पहना कर उनका स्वागत किया। मौके पर झाविमो प्रखंड प्रभारी मो. इकबाल, तरुण बेरा, राणा मल्लिक, धनंजय करुणामय, देवाशीष दास, बलराम महतो, मो. मौला समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

बीएड का सरकारी कॉलेज नहीं

घाटशिलामें बीएड की पढ़ाई के लिए कोई सरकारी संस्थान नहीं है। घाटशिला कॉलेज में बीएड की पढ़ाई शुरू होते-होते स्थगित हो गई। राजनीतिक टकराव के कारण यह खुलने से वंचित रह गया।

नहींहैं इंजीनियरिंग कॉलेज

जोड़िसाके एक निजी संस्थान को छोड़ कर यहां कोई भी सरकरी इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं है। यहां के बच्चों को आज भी ओड़िशा या दक्षिण भारत में डोनेशन देकर पढ़ने के लिए जाना पड़ता है।

हजारोंएकड़ जमीन है उपलब्ध

जानकारोंकी मानें तो व्यावसायिक शिक्षा के लिए घाटशिला में आज भी हजारों एकड़ जमीन उपलब्ध है। जिस पर आईटीआई, पॉलीटेक्निक, इंजीनियरिंग काॅलेज खोले जा सकते हैं। धालभूमगढ़ के रघुनाथ डीह में 10 वर्षों से पॉलीटेक्निक भवन बन कर तैयार है मगर वह बेकार पड़ा हुआ है।

मेडिकल कॉलेज का अच्छा है स्कोप

घाटशिला अनुमंडल में मेडिकल कॉलेज खोलने के अच्छे आसार हैं। सुदूर ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण यहां के बच्चों को कर्नाटक जाना पड़ता है। पूरे झारखंड में तीन मेडिकल कॉलेज हैं। मगर यहां के विद्यार्थियों की संख्या लाखों में हैं, जो प्रतिवर्ष काॅलेज से निकल रहे हैं।

कोई प्रगति नहीं

झारखंडबनने के बाद से अब तक जगह-जगह करोड़ों के भवन तो बना दिए गए हैं। मगर उनमें एक भी कर्मचारियों की बहाली नहीं हुई है। जिससे संस्थानों में झाड़ी उग अाई हैं।