नौकरी मुआवजा की सहमति पर उठाया शव
चंद्रपुरा प्लांट में मृत पावर इरेक्टर्स के ठेका मजदूर प्रेमचंद नायक का शव दूसरे दिन हुए समझौता वार्ता के बाद देर शाम को उठाया गया। वार्ता में तय हुआ कि सीटीपीएस प्रबंधन मुख्यालय के अनुमोदन के बाद एक माह के अंदर वैद्य आश्रित को सप्लाई वर्कर के रूप में नियुक्ति देगा। ठेकेदार की ओर से 30 हजार रुपए प्रबंधन की ओर से 20 हजार रुपए दाह संस्कार के लिए देने पर भी सहमति बनी। ठेकेदार ने राशि आश्रित को दे दिया। इसके अलावा आश्रित को डीएलआई के तहत मुआवजा देने पर भी करार हुआ। शाम पांच बजे गेट जाम हटाया गया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। विदित हो कि आश्रित को नौकरी उचित मुआवजा की मांग को लेकर 12 फरवरी से चंद्रपुरा प्लांट में जुटे ठेका मजदूरों ने विरोध स्वरूप गेट जाम कर दिया था। इससे कोई भी प्लांट के अंदर नहीं जा सका। सुबह पुलिस प्रशासन द्वारा डीवीसी प्रबंधन से बात करने के आग्रह को मजदूरों ने यह कहकर ठुकरा दिया कि जबतक डुमरी विधायक नहीं आते हैं, वे बात नहीं कर सकते। अंततः 12 बजे के करीब विधायक अाए, तब स्थानीय निदेशक भवन में प्रशासन की मौजूदगी में त्रिपक्षीय वार्ता हुई। इसमें विधायक जगरनाथ महतो, एसडीओ कुंदन कुमार आिद थे।