लुभाता है पहाड़ों के बीच कलकल बहता झरना
नएसाल को नई उमंग के साथ मनाना चाहते है तो फिर देर किस बात की। बस तैयार हो जाइए दुलमी प्रखंड के गोला रांची मार्ग में पड़ने वाले सिकिदरी डैम का मजा लेनेे के लिए। यहां की अद्भुत प्राकृतिक छटा के साथ साथ मनमोहक दृश्य भी देखने लायक है।
यहां आने के बाद आप पूरी तरह से प्राकृतिक के आगोश में खो जाएंगे। साथ ही स्वर्णरेखा नदी की कलकल करती पानी की सुगबुगाहट से आप रोमांचित हो उठेंगे। यह पिकनिक स्पॉट गोला सिकिदरी मार्ग के समीप पडऩे वाले स्वर्णरेखा जल विद्युत परियोजना के पास है। अगर आपको यहां स्थित छोटी-छोटी झरनों का भी आनंद उठाना है तो आपको हल्की परेशानी भी हो सकती है। क्योंकि कुछ दूर आपको पहाड़ों में चढ़ना भी पड़ेगा। पहाड़ों में चढ़ने के बाद कई झरने भी मिलेंगे। जिसे विद्युत परियोजना द्वारा चारों तरफ चबूतरा बना दिया गया है, ताकि आप उसपर बैठकर पिकनिक के आनंद के साथ परिजनों से गप्पे भी लड़ा सकते हैं। साथ ही पुराने साल के हिट गीतों पर थिरक भी सकते हैं।
ये सभी झरने स्वर्णरेखा नदी से निकलती हुई पहाड़ों के बीच अपनी जगह बनाते हुए सिकिदरी डैम से मिल जाती है। करीब 40-50 फीट की ऊंचाई से कलकल करती पानी धरातल पर गिरता है तो एक मधुर स्वर कानों को सुनाई देती है। इन प्राकृतिक सौंदर्य में सैलानी स्वत: इसमें खोते जाते हैं। डैम और झरने पूरी तरह से जंगल के आगोश में लिपटे हैं। भीड़ भाड़ और कोलाहल से दूर यहां आकर सैलानी बेफिक्र हो जाते हैं। फस्ट जनवरी से यहां पर सैलानियों की भीड़ इकट्ठा होने लगती है। ज्यादातर आसपास के स्कूली बच्चों की भीड़ ज्यादा देखने को मिलती है।
पहाड़ों को चीरकर निकलता झरना।