जामसिंग में पेयजल के लिए मचा त्राहिमाम
दुलमीप्रखंड क्षेत्र के ईचातु पंचायत के जामसिंग गांव में पेयजल के लिए त्राहिमाम मच गया है। गांव में दस चापानल थे, लेकिन कुछ चापानलों विभाग द्वारा दूषित पानी होने के कारण बंद कर दिया गया और कुछ चापानल चलते चलते खराब हो गए है। जिससे कारण गांव की दो हजार की आबादी अब पेयजल के लिए त्राहिमाम कर रही है।
गांव की पूरी आबादी बेहतर अवस्था में चल रहे गांव के अरुण महतो के घर के समीप लगे चापानल के सहारे ही पेयजल की अपनी जरुरतों को पूरा कर रही है। जिसमें अहले सुबह से ही पीने के पानी लेने के लिए लोगों की कतार लग जाती है, जो दिनभर चलता रहता है। गांव में अन्य दो और कलाम अंसारी के बगीचा के पास और करमाली टोला के चापानल भी चलंत अवस्था में है लेकिन इन चापानलों में कुछ देर पानी निकलने के बाद यह बेकार हो जाता है।
ऐसा नहीं है कि गांव में चापानल के अलावा कुआं की व्यवस्था नहीं है, परंतु कुछ माह पूर्व जामसिंग गांव का कुछ हिस्सा और चटाक गांव पुरी तरह से डायरिया के प्रकोप में गया था। जिसका कारण स्वास्थ्य महकमा और पेयजल विभाग ने चटाक और जामसिंग सहित आसपास के गांवों में पेयजल के लिए उपयोग होने वाले बैक्टिरिया युक्त पानी को बताया था। जिसके बाद विभाग द्वारा कई चापानलों को चिन्हित कर बंद कर दिया था और कुआं के पानी के प्रयोग नहीं करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद से गांव के लोग चापानल के पानी का प्रयोग ही पेयजल के रुप में करते है। लेकिन अब जामसिंग के दो चापानलों के खराब हो जाने के कारण गांव वासियों को पानी के लिए त्राहिमाम करने लगे है।
क्याकहते हैं ग्रामीण और मुखिया
ईचातुपंचायत के मुखिया कमला देवी का कहना है कि विभाग को चापानलों को दुरुस्त करने के लिए कई बार कहा गया है, परंतु अबतक इसे दुरुस्त नहीं किया गया है। वही गांव के मनोज कुमार, पिंटू महतो, अनुपम कुमार, पार्वती देवी, मीरा देवी, बसंती देवी का कहना है कि अहले सुबह से ही एक चापानल में पानी लेने के लिए कतार लगानी पड़ती है, घंटों इंतजार करने के बाद पानी मिल पाता है। अगर जल्द विभाग द्वारा चापानलों को दुरुस्त नहीं किया जाता है तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
आजदुरुस्त किए जाएंगे खराब सभी चापानल : मंडल
इसबाबत पेयजल और स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता प्रभुदयाल मंडल ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। शुक्रवार को चापानलों को दुरुस्त करवा दिया जाएगा।
पेयजल के लिए चापानल में लगी ग्रामीण कतार।