बाडेदा के 12 युवक गुजरात में नजरबंद
भास्कर न्यूज |मुसाबनी-डुमरिया
बेरोजगारीसे तंग आकर दलालों के बहकावे में आकर मोटी रकम कमाने की इच्छा लेकर गुजरात जाना बाड़ेदा के 12 युवकों को काफी महंगा पड़ा। युवकों के परिजनों ने बताया कि गांव के ही दलाल जोगो सुंडी ने युवकों को काम दिलाने के नाम पर गुजरात भेजा था। गुजरात गए इन युवकों को वहां 24 घंटे काम कराया जा रहा है। बदले में एक रुपए नहीं दिए जा रहे हैं। बीमार पड़ने पर भी मारपीट कर काम कराया जा रहा है। युवकों ने जब वापस आने का प्रयास किया तो उन्हें नजरबंद कर दिया गया है।
^मेरे साथ ही गांव के लड़के गुजरात गए थे। लेजोबेड़ा के गुरुचरण के कहने पर ही मैंने इन लड़कों को गुजरात ले गया था।\\\'\\\' जोगोसुंडी, गुजरातभेजनेवाला व्यक्ति
बलमुचू ने दिया आश्वासन
गुरुवारको बंधक बनाए गय युवकों के अभिभावकों ने राज्यसभा के सांसद प्रदीप कुमार बलमुचू से मिलकर उन युवकों को सूरत से मुक्त कराने की मांग की। बलमुचू ने पत्रकारों से कहा की भाजपा सरकार के क्या यही अच्छे दिन हैं। झारखंड से गए गरीब आदिवासी युवकों को सूरत में बंधक बनाकर रखा गया है। उन्हें ढंग से भोजन तक नही दिया जाता है। बलमुचू ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए तुरंत वहां के कांग्रेसी नेताओं को उस फैक्ट्री का पता लगाकर बंधक बने युवकों को वहां से छुड़ाने का निर्देश दिया।
येयुवक बने हैं बंधक
भोगेनसुण्डी(16), माधो सुण्डी(17), डांगो सुण्डी (17), बाबूलाल मांडी(16) , सागराम टुडु(26) , सोंगड़ा सुण्डी, प्रधान तियु(25) , जयपाल वांडरा() , बिरसा वांडरा(28) , सालुका तियु(25) , लखन सोरेन(20)।
श्रमिकों के परिजन गुजरात जाने की बात से अंजान
श्रमिकोंने अपने परिजनों तक को गुजरात जाने की बात नही बताई थी। अब वे अपने परिजनों को फोन करके उन्हें वहां से मुक्त कराने की बात कर रहें हैं। परिजन मंगल सुंडी, पारगना सुंडी, आन्तु मार्डी, टाकरा टुडु, पाउरा सोरेन ने बताया कि जागो सुंडी लड़कों को गुजरात भेजकर खुद वहां से भागकर वापस गए। हमलोगों ने इसकी शिकायत जादूगोड़ा थाना में करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि वे हर हाल में अपने बच्चों को गुजरात से वापस लाकर रहेंगे। वे सभी तीन माह से अवैध तरीके से गुजरात में रोक कर रखें गए हैं।
एक ही पहर दिया जाता है भोजन
इसफैक्ट्री में इन मजदूरों से जबरन काम लिया जा रहा है। उनको केवल एक पहर ही भोजन दिया जाता है।