मैडम, देखते ही देखते दोनों बच्चे हो गए अंधे, नहीं करा सके इलाज
डुमरियाके बेसर पहाड़ी गांव के धीरेन गोप अपनी लाचारी सरकारी पदाधिकारियों की उदासीनता को लेकर सीडीपीओ कार्यालय में उपस्थित विधायक मेनका सरदार के पास पहुंचा। उसके साथ 12 वर्षीया पुत्री संगीता गोप तथा सात वर्षीय बेटा करन गोप भी था। दोनों बच्चे अंधे हैं। दोनों दिव्यांगों के इलाज की उम्मीद लिए धीरेन गोप बुधवार को विधायक की शरण में पहुंचा था। उसने बताया कि इन दोनों बच्चों की आंख जन्म के बाद तीन साल तक ठीक थी। लेकिन इसके बाद दोनों के आंखों की रोशनी चली गई। पहले लड़की के आंख की रोशनी गई। उसके बाद जब लड़का तीन साल का हुआ तो उसकी भी आंख की रोशनी धीरे-धीरे चली गई। गरीबी के कारण बच्चों का उचित इलाज नहीं करवा पाया। गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने के बावजूद इस गरीब को कोई सरकारी लाभ नहीं मिलता है। उन्होंने बताया कि तो उसका आईआरडीपी नंबर है और ही अंत्योदय कार्ड। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत भी उसे कार्ड नहीं दिया गया।
वह कई बार पदाधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन उसका कार्ड नहीं बना। विधायक मेनका सरदार ने उसके बच्चों का इलाज कराने का आश्वासन दी हैं।
धीरेन गोप से बच्चों की जानकारी प्राप्त करतीं विधायक मेनका सरदार।