नक्सली बहिष्कार का नहीं दिखा कोई असर
डुमरीप्रखंड में विधान सभा चुनाव शांतिपूर्वक सम्पन्न हो गया। डुमरी विधान सभा के लिए हुए 15 वें विधान सभा चुनाव में डुमरी प्रखंड में मतदाताओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इस दौरान प्रखंड के सभी 172 बूथों में कुल 66 प्रतिशत मतदान हुआ। हाल ही में हुए लोक सभा चुनाव की अपेक्षा इस विधान सभा चुनाव में डुमरी प्रखंड में कुल मतदान का प्रतिशत ज्यादा रहा। लोक सभा चुनाव में इस प्रखंड में 62.78 प्रतिशत मत पड़ा था।
नक्सलियों के चुनाव बहिष्कार का इस प्रखंड के मतदाताओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए प्रशासन ने मतदान केन्द्रों में सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया था। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों सहित सामान्य बूथों पर भी अर्द्ध सैनिक बलों को तैनात किया गया था। उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के सड़कों पर अर्द्ध सैनिक बल मोटर साइकिल से पेट्रोलिंग कर रहे थे। चुनाव के सफल संचालन के लिए डुमरी अनुमंडल कार्यालय परिसर में कंट्रोल रूम बनाया गया था। चुनाव प्रेक्षक सहित अनुमंडलाधिकारी पवन कुमार मंडल, अंचलाधिकारी दीप्ति प्रिया कुजूर, बीडीओ मनोज कुमार तथा डुमरी और निमियाघाट के थाना प्रभारी बूथों पर हो रहे मतदान और शांति व्यवस्था की पल पल की जानकारी ले रहे थे। चुनाव प्रेक्षक और अनुमंडलाधिकारी इस दौरान कई बूथों का भ्रमण भी किया। डुमरी प्रखंड के शहरी क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं में चुनाव के प्रति उत्साह देखा गया। कुछ बूथों को छोड़ कर सभी बूथों में सुबह सात बजे से ही मतदाताओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी। जैसे जैसे दिन चढ़ता गया कतार लंबी होती गई। दोपहर एक बजे तक 52 प्रतिशत मतदान हो चुका था। प्रखंड के मतदान केन्द्रों में सुबह सात से नौ बजे तक 10.02 प्रतिशत, 9 से ग्यारह बजे तक 27.83 प्रतिशत,ग्यारह से एक बजे तक 52.43 प्रतिशत तथा एक से तीन बजे तक 66 प्रतिशत मतदान हुआ। निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडलाधिकारी पवन कुमार मंडल ने चुनाव का समय खत्म होने के बाद 66 प्रतिशत मतदान होने की पुष्टि की। जोभी के एक बूथ में मतदाताओं के देर से पहुंचने के कारण मतदान कुछ देर से शुरू हुआ वहीं बूथ नंबर 62 और 72 में ईवीएम में आये तकनीकी खराबी के कारण मतदान कुछ देर से शुरू हुआ। पर बाद में कतार लंबी होती गई।