एस मंजरी के बाद नहीं बनी महिला विधायक
डुमरीविधान सभा क्षेत्र से महिलाओं को टिकट देने में राजनीतिक पार्टियों के साथ क्षेत्रीय पार्टियों ने हमेशा उदासीनता दिखाई है। इस विधान सभा क्षेत्र में किसी भी दल ने अभी तक महिला को प्रत्याशी नहीं बनाया है। 1967 के विधान सभा चुनाव में डुमरी से अभी तक की एक मात्र महिला प्रत्याशी के रूप में एस मंजरी ने निर्दलीय चुनाव लड़ी और विजय हासिल की थी।
इस चुनाव में एस मंजरी ने कांग्रेस के सीताराम भगत को लगभग पांच हजार मतों से हराया था। डुमरी विधान सभा के लिए 1952 से 2009 तक हुए चौदह चुनावों में 1967 का चुनाव को छोड़ कर तेरह चुनावों में किसी राष्ट्रीय पार्टी और क्षेत्रीय पार्टी ने किसी महिला उम्मीदवार को खड़ा नहीं किया और ही किसी महिला ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ी। बताते हैं कि डुमरी विधान सभा के लिए 1952 में हुए चुनाव में 7, 1962 में 2, 1969 में 7, 1977 में 10, 1980 में 5, 1985 में 8, 1990 में 16, 1995 में 11, 2000 में 10, 2005 में 15 तथा 2009 में 16 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। 2014 के चुनाव में 16 प्रत्याशी खड़े हैं। इन चुनावों में भी एक भी महिला प्रत्याशी खड़ी नहीं हुई। इस ओर किसी दल का ध्यान नहीं है।
मतदान का घट रहा है प्रतिशत
डुमरीविधान सभा सीट में मतदान का प्रतिशत बढ़ता घटता रहा है। इस विधान सभा चुनाव में मतदान का सबसे ज्यादा प्रतिशत 1969 में 55.63 प्रतिशत था तथा सबसे कम 1962 में 29.59 प्रतिशत था। इसके बाद हुए अन्य चुनावों में मतदान का प्रतिशत 45 प्रतिशत के आसपास रहा। डुमरी विधान सभा के लिए हुए 1952 के चुनाव में मतदान का प्रतिशत 40.75 प्रतिशत, 1977 में 42.74 प्रतिशत, 1980 में 51.54 प्रतिशत, 1985 में 44.87 प्रतिशत, 1990 में 44.82 प्रतिशत, 1995 में 54.07 प्रतिशत, 2000 में 49.19 प्रतिशत, 2005 में 51.09 प्रतिशत तथा 2009 में 44.82 प्रतिशत था।