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महागठबंधन से बनेगी नई तस्वीर

7 वर्ष पहले
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आगामीविधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा को शिकस्त देने के लिए कई दल एक मंच पर आए हैं। ऐसे दल विगत लोस चुनाव में अपनी दुर्दशा देखकर नई रणनीति तैयार की है। जिनमें चुनाव से पूर्व प्रदेश में कांग्रेस, झामुमो के बीच समझौता हो चुका है। महा गठबंधन की बात कही गई है। इसे लेकर गैर भाजपा दल गंभीर है और चुनाव में महा गठबंधन के लिए रणनीति बनाई जा रही है। गिरिडीह जिला से भी इसी समीकरण के आधार पर चुनाव लडऩा तय माना जा रहा है। इस महा गठबंधन में कांग्रेस झामुमो के अलावा राजद, जदयू तो शामिल है ही साथ ही इन दलांें के नेता भाजपा छोड़ अन्य क्षेत्रिय पार्टियों को भी महागठबंधन में लाना चाहते हैं।

2005में गठबंधन के तहत हुुए चुनाव में मिली थी सफलता | महागठबंधनके तहत चुनाव होने से जिले के कई विधानसभा सीटों पर असर दिखेगा। जिनमें अभी गांडेय और डुमरी विधानसभा सीट पर कांग्रेस झामुमो का कब्जा है। जिनमें गांडेय सीट झामुमो के पूर्व विधायक भी चुनाव लडने पर झामुमो अपना स्थिति स्पष्ट कर चुकी हैं। वहीं धनवार से निवर्त्तमान विधायक निजामुदीन अंसारी पर झामुमो अपना पासा फेंका है। साथ ही जमुआ विधानसभा से पूर्व विधायक का आजसू से झामुमो में टिकट के शर्त पर ही शामिल हुए हैं। ऐसी स्थिति में गिरिडीह और बगोदर सीट पर भी दोनों दलों के अपने अपने दावे हैं। इसके पूर्व कांग्रेस झामुमो, राजद के बीच वर्ष 2005 के विधानसभा चुनाव में भी समझौता हुआ था। लाख कोशिशों के बावजूद कांग्रेस को गांडेय सीट नहीं दी गई। और कांग्रेस प्रत्याशी दूसरे दल के दामन थाम चुनाव मैदान में आए पर उन्हें औंधे मुंह गिरना पडा। स्थिति वहीं है। आज गांडेय सीट पर कांग्रेस का कब्जा है और हरहाल में कांग्रेस यह सीट लेना चाहेगी।

गठबंधन से नए समीकरण के आसार

इसपुराने गठबंधन के तहत चुनाव हुए तो कांग्रेस, झामुमो के कई नेता दूसरे दलों का दामन थाम सकते हैं। वहीं भाजपा भी जिले में काफी उत्साहित है। और इस उत्साह में सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रत्याशियों की लंबी कतार है। टिकट के आस लगाए बैठे सभी दलोें के नेता गोटी सेट करने मे लगे हुए हैं साथ ही अन्य दलों के संपर्क में भी है। भाजपा में झाविमो के विधायकों के शामिल होने से वे यहां नया समीकरण तैयार हुआ है। इन दलों के निष्ठावान कार्यकर्ता सकते में है। इस स्थिति में चुनाव होने पर एक नई समीकरण बनने लगी है। टिकट की प्र