पर्यटन स्थलों पर होने लगी चहल-पहल
क्रिसमसऔर नए साल के आगमन पर युवा वर्ग में काफी उत्साह देखा जा रहा है। घाटशिला के आसपास पिकनिक स्पॉटों पर अभी से युवाओं की टोलियां नजर आने लगी हैं। इन स्पॉटों की सुंदरता बरबस ही सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती है। हर वर्ष साल के अंत में सैलानी यहां पिकनिक मनाने खींचे चले आते हैं। प्रचलित पिकनिक स्पॉटों में बुरूडीह डैम, झांटी झरना, मऊभंडार में सुवर्णरेखा नदी का तट, धारागिरि फॉल, गालूडीह, घाटशिला और जादूगोड़ा स्थित रंकिणी मंदिर, गुर्रा नदी का किनारा मुख्य आकर्षण का केन्द्र है। इन स्थलों पर जमशेदपुर, पं बंगाल के अधिकतर सैलानी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते हैं।
पिकनिक स्पॉट पर एक नजर
मऊभंडार सुवर्णरेखा नदी तट : मऊभंडारपुल के नीचे कल-कल ध्वनि से बहता सुवर्णरेखा नदी का पानी सबको आकर्षित करता है। एक तो शहर के पास और दूसरी ओर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण सैलानी यहां खींचे चले आते हैं।
गालूडीहबराज : घाटशिलाआसपास के पिकनिक स्पॉटों की चर्चा हो अौर उसमें गालूडीह बराज का नाम आए ऐसा हाे ही नहीं सकता। सुवर्णरेखा नदी पर बना यह बराज अत्यंत ही मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है। घाटशिला से गालूडीह बराज की दूरी करीब 10 किलोमीटर है।
राजबाड़ी:राजस्टेटस्थित घाटशिला के प्राचीन राजा जगदीश धवलदेव की राजबाड़ी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। यहां लोग पहुंच कर घाटशिला के इतिहास की जानकारी भी प्राप्त करते हैं।
रंकिणी मंदिर जादूगोड़ा : रंकिणीमंदिर में तो ऐसे सालों भर भक्तों का तांता लगा रहता है। लेकिन दिसंबर और जनवरी के महीने में अच्छे खासे सैलानी पिकनिक मनाने के लिए जुटते हैं। इस मंदिर के सामने स्थित पहाड़ी और झरना सैलानियों को काफी आकर्षित करते हैं। जमशेदपुर, घाटशिला, मुसाबनी, गालूडीह आदि स्थानों से सैलानी पिकनिक मनाने यहां पहुंचते हैं। लोग यहां मां की पूजा-अर्चना के साथ ही पिकनिक का भी आनंद लेते हैं।
गुर्रानदी : जादूगोड़ास्थित गुर्रा नदी घाटशिला से करीब 28 किमी दूर है। चट्टानाें के बीच से होकर बहता गुर्रा नदी का पानी एक अदभुत नजारा पेश करता है। युवा सैलानी पिकनिक मनाने के लिए यहां काफी बड़ी संख्या में आते हैं। पहाड़, जंगल और चट्टानों के बीच से होकर बहती गुर्रा नदी का मनोरम दृश्य बहुत ही आकर्षित करता है।
बुरूडीह डैम : घाटशिलारेलवे स्टेशन से करीब सात किमी दूर स्थित यह प्राकृतिक डै