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दहेज का विरोध मंदिर में की शादी

7 वर्ष पहले
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हेजरूपी दानव को रोकने के लिए युवाओं को आगे आने की काफी जरूरत है अगर युवा ठान लें कि दहेज लेना है देना है तो यह कुरीति समाज से धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी मंगलवार को गालूडीह स्थित रंकीणी मंदिर में एक युगल ने साहसिक कदम उठाते हुए भगवान के सामने पूरी रीति-रिवाज के साथ शादी करने का फैसला लेते हुए दहेज लेने और देने के मकसद से अपने परिजनों को राजी कर मंदिर में शादी की जानकारी के अनुसार झाड़ग्राम निवासी रीता दास और मुसाबनी निवासी समीर हलदर ने अपनी आर्थिक स्थित को देखते हुए मंदिर में शादी करने का फैसला लिया परिजनों ने भी इनका बखूबी साथ निभाया। मौके पर समीर ने बताया कि दहेज के खिलाफ किसी किसी को तो आवाज उठानी चाहिए जो हम लोगों ने पहल कर दी मौके पर हेंदलजुड़ी पंचायत के मुखिया दुर्गाचरण सिंह, सत्यजीत सीट, गणेश हांसदा, भानू दास के अलावे लड़का एवं लड़की के परिजन उपस्थित थे