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आदिवासी किसी एक पार्टी की जागीर नहीं

7 वर्ष पहले
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भाजपानेता सह अनुसुचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रंजीत मरांडी ने शुक्रवार को प्रेस बयान जारी कर कहा है कि गांडेय के झामुमाे प्रत्याशी को चुनाव पूर्व ही अपनी स्थिति खतरे मंे नजर आने लगी है। जिसके भय से वे अनर्गल बयानबाजी करने लगे हैं। सीएम का यह कहना कि आदिवासी गांवों में झामुमो के अलावा किसी अन्य पार्टी काे घुसने दें कहना असंसदीय है। कहा कि आदिवासी झामुमो की जागीर नहीं है जो अन्य लोगों को घुसने से रोक सके। उनके इस तुगलकी फरमान से लोगों में आक्रोश का माहौल है।

कहा कि किसी भी भाजपा कार्यकर्ता पर अंगुली भी उठी तो इस जवाब देने के लिए भी गैर झामुमो आदिवासी जवाब देने को तैयार हैं। कहा कि लोकतंत्र में कोई भी कहीं भी जा सकता है। सीएम हेमंत सोरेन ने बेंगबााद में आयोजित चुनावी सभा में चुनाव के दिन दारू हडिया से दूर रहने की बात कही। जबकि पूर्व से हडिया, दारू के लिए शिबु सरकार ने लोन देकर बढावा देने का काम किया। ताकि आदिवासी हडिया दारू में ही मस्त रहें। श्री मरांडी ने कहा कि सालखन सोरेन ने चार बार गांडेय का प्रतिनिधित्व किया। दिशोम गुरू शिबु सोरेन हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बने। सालखन सोरेन अपने विधायकी काल में आदिवासियों के हित में कौन ऐसा काम किया जिसके लिए उसे लोग याद करे और उसके पक्ष मंे मतदान करें। कहा कि गांडेय के आदिवासियों की दशा बद से बदतर होती गई। आदिवासियों का इस्तेमाल पूर्व विधायक ने रूमाल की तरह किया।

जरूरत के समय उपयोग किया और काम खत्म होते ही किनारे कर दिया। लेकिन उसके विकास के लिए कोई पहल नहीं की और आज आदिवासी वोट के लिए हाथ पांव मार रहे हैं। सिर्फ चुनाव के समय ही पूर्व विधायक को आदिवासियों के विकास की याद आती है, जिसे यहां के लोग समझ चुके हैं। और इसका परिणाम भी चुनाव के दरम्यान देखने को मिलेगा। मरांडी ने कहा कि गांडेय के आदिवासियों का रूझान भाजपा की ओर है। आगामी विधानसभा चुनाव में गांडेय विधानसभा के आदिवासी समाज एकजुट होकर भाजपा के पक्ष में मतदान कर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।