दुष्कर्म के आरोपी को अग्रिम जमानत
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दी दलील दुष्कर्म मामले का हो रहा है दुरुपयोग
भास्कर न्यूज|गिरिडीह
प्रधानजिला एवं सत्र न्यायाधीश गीतेंद्र कुमार सिंह की अदालत ने शनिवार को दुष्कर्म के मामले में अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए आरोपी अनिल हेम्ब्रम को दस हजार के दो मुचलके पर जमानत दी। मामला नगर थाना का है। इस कांड की सूचक सरिता सोरेन ने नगर थाना में कांड दर्ज कराते हुए कहा कि वह शहर के राजपूत मुहल्ला स्थित एक लॉज में रहती है। जहां इनकी जान पहचान अनिल हेम्ब्रम से हुई। जान पहचान होने के कारण अनिल बीते दो मई 2014 को उसके लॉज में आया और अकेला पाकर दुष्कर्म किया। साथ ही हत्या करने की धमकी दी। इसके बाद शादी की बात कहकर यौन शोषण करता रहा। पर शादी करने से इंकार कर दिया। पीडि़ता ने कहा कि उसे शहर के नर्सिंग होम के पास बुलाकर मारपीट की।
मारपीट करने का
लगाया आरोप
न्यायालयमें जमानत अर्जी की सुनवाई के दौरान आरोपी अनिल हेम्ब्रम के अधिवक्ता प्रकाश सहाय ने दलील देते हुए कहा कि सूचिका दुष्कर्म के नाम पर लोगांे को ब्लैकमेल करने का काम करती है। इस कांड के पूर्व यही सूचिका ने गांडेय थाना कांड संख्या 17/2012 दर्ज कराते हुए गांडेय थाना क्षेत्र के विजय हेम्ब्रम पर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। मामला न्यायालय में चला, जहां सूचिका ने विजय हेम्ब्रम के खिलाफ गवाह होस्टाइल कर गई। जिसे आरोपी विजय रिहा हुआ था।