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जयंती समारोह में याद किए गए तिलका मांझी, दी श्रद्धांजली
सिद्धोकान्हु के जन्मोत्सव पर जिले में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिनमें सिद्धो कान्हु हुल महासभा की ओर से बुधवार को तिलका मांझी के जन्म दिवस पर गांडेय प्रखंड के बड़कीटांड़ चौराहे पर शहीद वीर तिलका मांझी की प्रतिमा स्थापित की गई। इस समारोह में आदिवासी समाज के सैकड़ाें महिला पुरूषों ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्पांजली अर्पित कर जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाया। इस समारोह के मुख्य अतिथि जिप सदस्य हिरालाल मुर्मू उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि शहीद के बताए मार्ग पर संघर्ष कर सच्ची श्रद्धांजली दी जा सकती है। राज्य में आदिवासियों को अपने हक अधिकार के लिए एक बार पुन: आंदोलन करने की जरूरत है। झारखंड निर्माण के बाद आदिवासियों का शोषण बदस्तुर जारी है। समाजसेवी महालाल सोरेन ने कहा कि जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए वीर शहीदों ने खुन बताया। परंतु केंद्र राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण जैसे अध्यादेश लाकर आदिवासी समाज का जमीन हथियाना चाहती है। कार्यक्रम में विष्णु किस्कू ने कहा कि इतिहास में वीर शहीदों को उचित स्थान नहीं दी गई है। उन्होंने सरकार से शहीदों के जन्म दिन पर अवकाश की मांग की। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के उत्थान में संघर्ष ही एक मात्र विकल्प है। कार्यक्रम में हींगामुनी मुर्मू, मोहन मुर्मू, नंदलाल मुर्मू, विनोद मुर्मू, डेविड राज मरांडी, मुन्ना टुडू, राज मुर्मू ने भी संबोधित किया। जयंती समारोह में कलाकारों ने कई क्रांतिकारी गीत संथाली गीत की प्रस्तुति की।
शहर में मना तिलका
मांझी की जयंती
शहरके नगीना सिंह रोड में तिलका मांझी की जयंती समारोह मनाई गई। समारोह में आदिवासी युवा ग्रुप के अध्यक्ष सुरेश कुमार सोरेन, सचिव पवन कुमार, उप सचिव विजय किस्कू, सुिनता टुडू ने वीर तिलका मांझी के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। कार्यक्रम में सुरेश कुमार सोरेन ने कहा कि जबरा पहाड़िया उर्फ तिलका मांझी का जन्म 1750 में हुआ। वे 1771 से 1784 तक ब्रिटिश हुकुमत के विरूद्ध लंबी और कभी समर्पण नहीं करने वाली लड़ाई लड़ी। इस दौरान कई लोगाें ने समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम में सोनालाल मुर्मू, राजकुमार सोरेन, प्रकाश मरांडी, आनन्द मंराडी, स्नेहा कुमारी समेत कई मौज्ूद थे।
वक्ताओं ने वीर शहीद से प्रेरणा लेकर हक की लड़ाई लड़ने की अपील