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- महामारी को रोकने के िलए मां दुर्गा का हुआ था आह्वान
महामारी को रोकने के िलए मां दुर्गा का हुआ था आह्वान
> गांडेय में जमींदार ने शुरू कराई थी दुर्गा पूजा
विष्णुकिस्कू .गाण्डेय
प्रखण्डस्थित दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा के पूजा अर्चना को लेकर कलश स्थापना के साथ ही सुबह-शाम श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी हैं। यह मंदिर जितना भक्तों की आस्था और विश्वास के जाना जाता है उतना ही इसका इतिहास भी प्राचीन है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गाण्डेय स्थित दुर्गा मंदिर का निर्माण जमींदारी व्यवस्था के समय में आज से तकरीबन दो सौ साल पहले हुआ था। बताया जाता है कि उस समय के तत्कालीन जमींदार टिकैत भरत सिंह ने इसका निर्माण कराया था। जनश्रुतियों के अनुसार जमीनदारी काल में इस क्षेत्र में एक बार भीषण महामारी फैला था। जिस कारण कई लोगों की मौतें हुई थी। तत्कालीन जमींदार ने अपनी प्रजा के हितार्थ देवी दुर्गा की आराधना की थी। मां दुर्गा की पूजा अर्चना से यहां महामारी रुक गया था। तब से यहां देवी दुर्गा की पूजा अर्चना शुरू हुई जो आज तक चलते रहा है। पुजारी अमृत लाल पाठक ने बताया कि जो भी भक्त यहां आकर मन्नतें मांगते हैं उनके कष्ट दूर होते हंैं।
सुर संगम जागरण प्रस्तुत करेगा भजन
गाण्डेयस्थित दुर्गा मंदिर में हर साल पूजा कमेटी की देख रेख में पूजा अर्चना की जाती है। कलश स्थापना के साथ ही यहां भक्तों की सेवा में पूजा समिति के लोग जुट जाते है। पूजा को लेकर प्रखण्ड में सभी मार्गों में लाइट लाउडस्पीकर लगाए गए हैं। बेहतरीन व्यवस्था से यहां दसवें दिन तक मेला जैसा माहौल रहता है। पूजा समिति के सदस्य सुधीर कुमार गुप्ता ने बताया कि इस दरम्यान यहां कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। आयोजित कार्यक्रम में कई बड़े कलाकारों के साथ क्षेत्रिय कलाकारों के द्वारा लोगों का मनोरंजन कराया जाएगा। स्थानीय सुर संगम ग्रुप के कलाकार यहां प्रतिवर्ष की भांति भजन संध्या के तहत मंदिर प्रांगण को भक्तिमय बनाने में योगदान दे रहे हैं।