राज्य अलग होने के बाद भी पूरी नहीं हुई जनता की आशा और अपेक्षा : बाबूलाल
राशन कार्ड की मांग को लेकर गावां में माले का धरना
माल्डा| भाकपामाले कार्यकर्ताओं ने गावां प्रखंड कार्यालय में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सब को कार्ड उपलब्ध कराने, प्रखंड अंचल कार्यालय को भ्रष्टाचार से मुक्त करने की मांग की गई। धरना की अध्यक्षता प्रखंड पूर्व सचिव नागेश्वर यादव संचालन अशोक मिस्त्री ने किया। धनवार विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून झारखंड सरकारी सेवा का अधिकार कानून दोनों का इस प्रखंड में धज्जियां उड़ रही हैं। जिन्हें कार्ड मिला है उनके भी राशन की खुलेआम चोरी हो रही है। इसे देखने वाला कोई नहीं है। मौके पर पवन चौधरी, सुरेश चौधरी, सकलदेव यादव समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
चित्र परिचय 10 जीआरडी-46 कार्यक्रम को संबोधित करते विधायक
रिपोर्ट :
झामुमो में डर और कांग्रेस हो चुकी है बूढ़ी
सभाको संबोधित करते हुए झाविमो केंद्रीय महासचिव प्रदीप यादव ने कहा कि राज्य में बहाली से पहले नियोजन और स्थायी नीति लागू हो। जब झारखंड का सांसद और विधायक दूसरे राज्य का हो, तो वह राज्य का भला क्या करेगा। यहां के सांसद जनता से कमाई कर बिहार भेजते हैं। राज्य सरकार के खिलाफ लड़ाई सिर्फ झाविमो ही लड़ सकती है। क्योंकि झामुमो अन्य दलों के नेता अपने शासनकाल में किए गए गलत कार्य के डर से भाजपा के खिलाफ लड़ नहीं सकती है। बूढ़ी हो चुकी है कांग्रेस लड़ाई लड़ने में अक्षम है। उन्होंने रघुवर सरकार को नई बोतल में पुरानी शराब की संज्ञा दी। राज्य के सभी परिवारों को राशन और किरासन नहीं मिलने पर झाविमो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगा। सबा अहमद ने कहा कि प्रधानमंत्री विदेश घूमने में मशगूल हैं। जनता से उन्हें कोई मतलब नहीं। जनता तो राशन और किरासन के आस में बैठी है। प्रणव वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार राशन की कालाबाजारी करवा रही है। प्रदीप साहू ने कहा कि जो सरकार आम जनता को राशन किरासन नहीं दे सकती, उन्हें सत्ता में रहने का अधिकार नहीं।
कोयलांचलमें है विकट स्थिति
नपअध्यक्ष सह झाविमो नेता दिनेश यादव ने कहा कि सीसीएल क्षेत्र में रहने वालों के समक्ष भूखे मरने की स्थिति है। करीब 50 हजार की आबादी बेरोजगार हो गई है। सरकार की ओर से रोजगार का कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी है, जिसके कारण लोग पलायन कर रहे हैं। सभा को पूर्व विधायक लक्ष्मण स्वर्णकार और ज्योतिन्द्र प्रसाद, केके पोद्दार, अजय रंजन, चुन्नूकांत, कुसुम सिन्हा, नुनूलाल मरांडी, नवीन सिन्हा आदि ने भी संबोधित किया। सभा की अध्यक्षता संयोजक महेश राम धन्यवाद ज्ञापन राजेश जायसवाल ने किया।
भास्कर न्यूज|गिरिडीह
जिसमकसद से झारखंडवासियों ने अलग राज्य की लड़ाई लड़ी वो पूरी नहीं हो सकी। आज सरकारी नौकरियों में बिहार यूपी के लोगों की भर्ती हो रही है। जनता को आशा थी कि अलग राज्य होने से नियोजन संबंधी अधिकार उसे मिलेंगे। लेकिन यह पूरी नहीं हुई। यह बातें राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री सह झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने बुधवार को गिरिडीह हाई स्कूल मैदान में पार्टी की सभा को संबोधित करते हुए कही।
मरांडी ने कहा कि राज्य में प्रशासनिक पदों से लेकर चपरासी तक में बाहरी लोगों की नियुक्ति की जा रही है। सरकार स्थानीय नियोजन नीति अब तक लागू नहीं कर पाई है। मुख्यमंत्री राज्य में अडाणी और अंबानी को आमंत्रण देकर रेड कारपेट बिछा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर राज्य में उद्योगों का खस्ता हाल है। एक वर्ष के शासनकाल के बाद भी रघुवर सरकार खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू नहीं कर पाई है। ऐसी सरकार को गद्दी पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। भाजपा की केन्द्र राज्य की सरकार गरीबों के प्रति संवेदनशील नहीं है। 56 इंच का सीना कहने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी चुनावी घोषणाओं को चुनावी जुमला में बदल दिए है। राज्य सरकार ने बालू पर रायल्टी लगाकर जनता पर बोझ बढ़ाई है। भाजपा जोड़ने में नहीं, तोड़ने में विश्वास करती है। जिले भर से हजारों कार्यकर्ता रैली की शक्ल में सभास्थल पहुंचे।
सभा में उपस्थित झाविमो नेता।