कृषि से आदिवासी बन सकते हैं आत्मनिर्भर
सदरप्रखंड क्षेत्र के आदिवासी बाहुल पहाडपुर गांव को विकसित करने गांव के आदिवासी परिवारों को कृषि के क्षेत्र में आगे कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में झारखंड ग्रामीण बैंक लेदा शाखा के शाखा प्रबंधक नंदकिशोर चौधरी द्वारा पहल तेज कर दिया गया है। जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि बहुत जल्द हीं पहाड़पुर समेत क्षेत्र के दर्जनों गावों की कायापलट का सपना धरातल पर दिखाई देने लगेगा। इस कार्य को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से शाखा प्रबंधक श्री चौधरी ने गांव में पहुंचकर जिला परिषद सदस्य अर्जुन हेम्ब्रम की अध्यक्षता में ग्रामीणों के साथ बैठक का आयोजन किया। मौके पर शाखा प्रबंधक ने कहा कि इस गांव में कृषि कार्य अपना कर यहां के आदिवासी परिवार जिला में अपनी एक अलग पहचान बना सकते है। जरूरत है तो सिर्फ यहां के लोगों के बीच जागरूकता फैलाने की। जिला प्रशासन द्वारा गांव में दो चैक डेम का निर्माण कराया गया है। बैंक यहां के आदिवासी परिवार को सस्ते ब्याज पर ऋण देने के लिए तैयार है ।साथ हीं समय समय पर बैंक द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ।बैंक द्वारा ग्रामीणों को हर संभव मदद दिया जाएगा ।ग्रामीण बैंक का यह सपना है कि क्षेत्र के तीस गांवों के ग्रामीणों को कृषि के क्षेत्र में आगे कर आत्मनिर्भर बनाया जा सके ।हर गांव से पहले एक एक किसान को प्रशिक्षण के लिए बाहर भेजने का निर्णय लिया गया है। जरूरत है किसानों को आगे आने का
विद्यालयहै लेकिन विद्यालय में बच्चे नहीं हैं
जिपसदस्य अर्जुन हेम्ब्रम ने कहा कि गांव में आज मध्य विद्यालय है लेकिन विद्यालय में बच्चे नहीं हैं यह दुख कि बात है। परिवार के अभिभावकों का यह दायित्व बनता है कि अपने बच्चे को विद्यालय भेजकर बच्चें के भविष्य को उज्जवल बनाएं ।कृषि कार्य करने के लिए भी लोगों को शिक्षित होना जरूरी है। सरकार द्वारा बच्चों को भोजन के साथ कपड़ा, साइकिल छात्रवृति भी दी जाती है।