- Hindi News
- आदिवासी किसानों को रोजगार से जोड़ने के लिए दिए कृषि यंत्र
आदिवासी किसानों को रोजगार से जोड़ने के लिए दिए कृषि यंत्र
विशेषकेंद्रीय सहायता योजना के तहत कल्याण विभाग की ओर से मंगलवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों के कुल 46 आदिवासी लाभुकों को पावर टीलर और डीजल पंप मशीन देकर उन्हें कृषि के प्रति आश्रित होने के लिए प्रेरित किया गया। इंडोर स्टेडियम गिरिडीह में अायोजित इस कार्यक्रम के तहत गिरिडीह विधायक निर्भय कुमार शाहाबादी ने लाभुकों को पावर टीलर और डीजल पंप भेंटकर उन्हें कृषि को रोजगार के रूप में अपनाने की बात कही। इस मौके पर विधायक श्री शाहाबादी ने कहा कि देश के बड़े भू भाग पर सिंचाई के आभाव में खेती नहीं हो पाती है। सरकार ने खासकर वैसे आदिवासियों को जिनके पास जमीन है और वे खेती नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराकर कृषि कार्य को बढ़ावा दे रही हैं। आदिवासी के प्रति सरकार संवेदनशील है। इससे केवल का गावों का विकास होगा। बल्कि राज्य में खुशहाली आएगी और देश का बेहतर विकास होगा। कहा कि लोग बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। कृषि कार्य से विमुख होकर महानगरों में मजदूरी करने को विवश हो रहे हैं। ऐसे में यह कृषि यंत्र इन आदिवासी किसानों को कृषि के प्रति प्रेरित कर राज्य के विकास में बेहतर योदन साबित होगा। विधायक ने कहा कि पटवन नहीं होने से किसान सालभर में केवल एक ही फसल की खेती का लाभ ले पाते हैं।
विभिन्न प्रखंडों में हुआ 46 कृषि यंत्र का वितरण
कार्यक्रममें जिले के विभिन्न प्रखंडों में कुल 46 कृषि यंत्र का वितरण किया गया। जिसमें कुल एक लाख 36 हजार रुपए की लागत से कुल 10 पावर टीलर का वितरण किया गया। जबकि 16 हजार रुपए की लागत से कुल 36 डीजल पंप का वितरण किया गया। इस मौके पर मौजूद जिला कल्याण पदाधिकारी किशोर कुमार शर्मा ने बताया कि ईएमआईएफ योजना के तहत विशेष केंद्रीय सहायत मद से वित्तीय वर्ष 2013-14 के वैसे आदिवासी लाभुक जिनके पास पांच एकड़ या उससे अधिक जमीन है उन्हें डीजल पंप दिया गया। जबकि जिनके पास एक एकड़ या उससे अधिक भूमि है उन्हें डीजल पंप दिया गया है। यह यंत्र पूरी तरह कृषि कार्य के लिए दिया गया है। यह योजना शत प्रतिशत अनुदान पर है।
किसानों को यंत्र देते विधायक अन्य लोग।
बजट में रहेगा कृषि के विकास पर जोर: निर्भय
विधायकश्री शाहाबादी ने कहा कि इस नए वित्तीय वर्ष की बजट में केंद्र सरकार कृषि के विकास पर विशेष जोर देगी। कुल बजट का 60 फीसदी हिस्सा केवल कृषि के विकास के लिए खर्च किया जाएगा। इसमें खेती को बढ़ावा देने से लेकर कृषि के विकास के लिए सभी तरह की सुविधाएं निहित होगी। बंजर भूमि पर सिंचाई का साधन पहुंचेगा। लोगों के खेतों को पर्याप्त पानी मिलेगा। लोग खुलकर खेती कर सकेंगे। कहा कि कृषि यंत्र वितरण का कार्य राज्य के सभी जिलों में चल रहा है। गिरिडीह में मंगलवार को यह कार्य संपन्न किया गया। यह कृषि यंत्र शत प्रतिशत अनुदान पर दिया जा रहा है। किसान इसका भरपूर उपयोग करें। इस बेचें नहीं और किसी बिचौलियों के हाथों में यह दें। यह बिल्कुल उन्हें निजी उपयोग के लिए दी गई है। इस यंत्र में किसी भी तरह की खराबी आती है तो संबंधित डीलर से मिलकर इस समस्या का समाधान करें।