पतिराम को समाज से किया बहिष्कृत
> मांझी पर 20 हजार रुपए हड़पने का लगया गया आरोप
> ग्रामीणों की बैठक में लिया गया निर्णय
> संथाली समाज के 42 गांवों के लोगों की हुई थी बैठक
> पैसा लौटाने के बाद हो सकेंगे समाज में शामिल
> मांझी ने आरोपों को बेबुनियाद बताया
भास्करन्यूज | गिद्दी
डाड़ीप्रखंड के टोंगी पंचायत के संथाली बहुल गांव सुइयाडीह के ग्रामीणों की बैठक सुइयाडीह मांझी अखड़ा में सोमवार को हुई। बैठक में गांव के पतिराम मांझी पर गांव के सामूहिक फंड के लगभग 20 हजार रुपए हड़प लेने के आरोप में उन्हें समाज से बहिष्कृत करने का निर्णय लिया गया।
मांझी हड़ाम बाबूराम टुडू ने बताया कि पतिराम मांझी लगभग 30 वर्षों से भाकपा माले के सुइयाडीह शाखा के ब्रांच सचिव थे। समाज के सामूहिक फंड का पैसा इनके पास ही रखा जाता था। वहीं कुछ दिन पहले पतिराम मांझी के पुत्र का गांव के ही एक लड़की के साथ संबंध रखने की बात सामने आने पर संथाली समाज के 42 गांव के लोगों की एक पंचायत बुलाई गई थी। जिसमें पंचों ने लड़के को लड़की को अपने साथ रखने का फैसला सुनाया था। परंतु उनके द्वारा लड़की को प्रताड़ित किया जाता रहा। प्रताड़ना से तंग आकर लड़की उनके घर से भाग गई।
बाद में पुनः गांव वालों के दबाव में पतिराम मांझी ने लड़की को रख लिया। इस दौरान उन्होंने स्वयं घर में आग लगा लड़की को फंसाने का प्रयास किया। जिसमें भी लड़की निर्दोष पाई गई। इसके बाद ग्रामीणों ने बैठक कर पतिराम मांझी पर आर्थिक दंड लगाया। इसके बाद से पतिराम मांझी समाज गांव के विरोध में काम करना शुरू कर दिया और माले को छोड़ झामुमो की सदस्यता ले ली। गांव वालों को पतिराम मांझी के झामुमो में जाने से कोई आपत्ति नहीं है। बल्कि बैठक में बुलाए जाने पर नहीं आना समाज का जमा सामूहिक फंड हड़पने के विरोध में पतिराम मांझी को समाज से बहिष्कृत किया है।
उन्होंने कहा कि समाज का पैसा वापस करने के बाद समाज में शामिल करने के बारे में सोचा जाएगा। मौके पर सोहराय किस्कू, रस्का हेम्ब्रम, महादेव टुडू, शिकारी टुडू, दसाराम किस्कू, भैयालाल हेम्ब्रम, लालजी बेसरा, सोहन बेसरा, बबलू हेम्ब्रम, धनु टुडू, संजय टुडू, किशुन मुर्मू, सरिता देवी, मीना देवी, उषा देवी, करमी देवी, उर्मिला देवी, शीला देवी, सालनी देवी, महालाल सोरेन, रामकिशुन बास्के, शंकर बेसरा सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।
पैसा हड़पने का आ