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भूमि अधिग्रहण अध्यादेश वापस लेने की मांग
पतरातू : रैली निकालते झामुमो कार्यकर्ता।
रामगढ़ : जुलूस के दौरान सड़क पर प्रदर्शन करते झामुमो नेता और कार्यकर्ता।
चितरपुर : प्रखंड मुख्यालय में धरना प्रदर्शन के दौरान मौजूद झामुमो कार्यकर्ता।
मांडूृ : कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता।
गिद्दी : धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते वक्ता और अन्य।
गोला : जुलूस में शामिल कार्यकर्ता।
भास्कर न्यूज | रामगढ़
झामुमोप्रखंड समिति के तत्वावधान में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को तीन सूत्री मांगों को लेकर प्रखंड कार्यालय के समीप जोरदार प्रदर्शन किया। इससे पूर्व झामुमो प्रखंड अध्यक्ष कुंवर महतो के नेतृत्व में छावनी फुटबॉल मैदान से झंडा बैनर के साथ जुलूस निकाला। जुलूस में मुख्य रूप से शामिल जिलाध्यक्ष विनाेद किस्कू, जिला सचिव सरदार अनमोल सिंह, महेंद्र मुंडा, किशन राम अकेला, कमल राम सहित दर्जनों झामुमो नेता और कार्यकर्ता सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए छावनी फुटबॉल मैदान से निकलकर नगर भ्रमण करते हुए प्रखंड कार्यालय परिसर पहुंचे। जहां भूमि अधिग्रहण अध्यादेश वापस लेने, स्थानीय नीति तय करने के बाद ही किसी तरह के पद पर बहाली की प्रक्रिया करने तथा भूस्वामी और रैयतों को भूमि वापस करने की मांग को लेकर प्रखंड कार्यालय में जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद बीडीओ के हाथों महामहिम राज्यपाल के नाम तीन सूत्री मांग पत्र भी सौंपा। मौके पर नसीम अहमद कुरैशी, धमेंद्र मिश्रा, अशोक वर्मा, पवन करमाली, मुमताज अंसारी, कमरुद्दीन खान, मुरलीधर कोठारी, मोगा बेदिया, चंदन मुंडा, मो. शोएब उर्फ भोलू, विनोद करमाली सहित दर्जनों झामुमो नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।
चितरपुर| झारखंडमुक्ति मोर्चा द्वारा विभिन्न मांगों को सोमवार को चितरपुर प्रखंड कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से प्रखंड अध्यक्ष जगरनाथ महतो मौजूद थे। धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा गठजोड़ सरकार द्वारा आदिवासी मूलवासी एवं स्थानीय जनों का अस्तित्व को समाप्त कर देने की साजिश रच रही है। इसी के खिलाफ झामुमो द्वारा आज धरना प्रदर्शन किया गया है। अगर हमारी मांगों को सरकार नहीं मानती है तो झामुमो आने वाले दिनों में उग्र प्रदर्शन भी करेगी। कार्यक्रम को झाकोमयू के क्षेत्रिय अध्यक्ष सोहन किस्कु, क्षेत्रिय सचिव देवकी महतो सहित मकसूद खान, भोला प्रसाद कृति करमाली आदि ने संबोधित किया। तत्पश्चात चितरपुर बीडीओ के नाम एक ज्ञापन बड़ा बाबू ब्रजेश कुमार को सौंपा गया। मौके पर इकराम उल्लाह, इजहार आलम, आलम गिर आलम, महावीर साव, मो. अख्तर, झरि महतो, निर्मल महतो, रेखा देवी, देवंती देवी, चिंता देवी, उर्मिला देवी, सरिता देवी, गीता देवी, शांति देवी, सुबो देवी, बालो देवी, मुंशी महतो सहित कई मौजूद थे।
गिद्दी।झामुमोडाड़ी प्रखंड ने सोमवार को भूमि अधिग्रहण अध्यादेश 2014 को वापस लेने समेत सात सूत्री मांग को ले डाड़ी प्रखंड ने मुख्यालय में एक दिवसीय धरना दिया। धरना स्थल पर सभा का भी आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को अच्छे दिन आने का सपना दिखा सत्ता में काबिज हुए। परंतु सत्ता में आते ही जनता विरोधी काम कर रहे हैं। सभा को लखन लाल महतो, राकेश सिंह उर्फ कबलू , कुमेश्वर महतो, सेवालाल महतो, नंद कुमार महतो, सर्वेश सिंह, गंगाधर महतो, प्रीतलाल महतो, सुरेंद्र महतो धनेश्वर महतो, सुरेश महतो, राजेश टुडू, शिवजी बेसरा, बालेश्वर महतो, हरिहर महतो ने संबोधित किया। सभा के बाद एक प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल के नाम सात सूत्री मांग पत्र प्रखंड कार्यालय को सांैपा। सभा की अध्यक्षता लखनलाल महतो ने की। जबकि संचालन सुजीत महतो ने किया। इस अवसर पर दिलीप सिंह, कालीदास मांझी, सुदीप चौधरी, मनोहर, प्रदीप सोरेन, दिलीप सोरेन, महालाल सोरेन, गोमीलाल बेसरा, राकेश बेसरा, मीना देवी, मालती देवी, मुनकी देवी, विराजो देवी, यशोदा देवी, कांती देवी, सुगिया देवी, जरीमन खातून, भुनेश्वरी देवी समेंत दर्जनों लोग मौजूद थे।
दुलमी| झामुमोदुलमी प्रखंड कमेटी द्वारा सोमवार को प्रखंड मुख्यालय परिसर में धरना दिया गया। जिसमें केंद्र सरकार द्वारा जारी भूमि अधिग्रहण अध्यादेश 2015 को काला कानून बताया। साथ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे पार्टी के छटू गंझू ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा आदिवासी-मूलवासी और यहां के स्थानीय लोगों के अधिकार और प्राप्त सम्मान के विरुद्ध किए लाए गए भूमि अधिग्रहण अध्यादेश 2015 राज्य के लिए काला कानून है और यहां के लोगों के अस्तित्व का उन्मूलन किया जा रहा है। मौके पर खुर्शीद आलम सहित अन्य नेताओं ने धरना के बाद राज्यपाल के नाम प्रखंड मुख्यालय में ज्ञापन सौंपा।
मांडू| पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रखंड झामुमो कमेटी द्वारा प्रखंड मुख्यालय मांडू परिसर के समक्ष सोमवार को एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे काला कानून की तीव्र निंदा की। कहा गया कि झारखंड अलग राज्य का निर्माण जिस उद्देश्य से हुआ था। इसका लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल पा रहा है। लोग आज भी इस पीड़ा से त्रस्त हैं। कार्यक्रम को रामचंद्र वर्मा, रामनाथ महतो, राजनाथ महतो, सुखदेव महतो, बैजनाथ करमाली, सानुमदन सोरेन, मोहरलाल महतो, मो अलाउद्दीन, अकल उरांव, मनोज महतो, बसंत महतो, प्रेम प्रसाद, बिरजू मुसहर समेत कई लोगों ने संबोधित किया। पश्चात इसके राज्यपाल के नाम दो सूत्री मांग पत्र के प्रति आवश्यक कार्रवाई के लिए बीडीओ जयकुमार राम को सौंपा। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष बालेश्वर महतो और संचालन सचिव संतोष कुमार ने किया। मौके पर काफी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।
गोला| झारखंडमुक्ति मोर्चा प्रखंड कमेटी ने विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को प्रखंड मुख्यालय के समक्ष धरना दिया। इससे पूर्व कार्यकर्ताओं ने डीवीसी चौक से जुलूस निकाला। जो मेन रोड, रजरप्पा चौक होते हुए मुख्यालय में पहुंच कर धरना में तब्दील हो गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला अध्यक्ष बिनोद किस्कू ने संबोधित करते हुए कहा कि रघुवर दास मनमानी करना चाह रही है। जिसका हमेशा पार्टी विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि बिना स्थानीय नीति बनाए ही सरकार बहाली करना चाह रही है। भूमि अधिग्रहण संशोधन अध्यादेश को वापस लेना होगा। इसके बाद संबंधित ज्ञापन बीडीओ केके बेसरा को सौंपा गाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तुलुस बेदिया और संचालन महेश गोस्वामी ने किया। मौके पर जीतलाल टुडु, रामदेव महतो, किशन राम अकेला, हरिचरण मुंडा, बरतू करमाली, कपिल महतो, आलम अंसारी, बिनोद बिहारी महतो, सोमरी देवी, रामरतन करमाली, सोमरी देवी आदि मौजूद थे।
पतरातू| झामुमोने राज्यपाल के नाम सोमवार को सात सूत्री मांग पत्र बीडीओ को सौंपा। जिसमें मांग की गई है कि भूमि अधिग्रहण संशोधन अध्यादेश 2014 को वापस किया जाय। भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को सभी कंपनी और परियोजना में लागू किया जाय। प्रदेश में स्थानीय नीति तय करने के बाद किसी तरह की पदों में बहाली प्रक्रिया शुरू किया जाय। रैयती भूमि पर अवैध कॉलोनी या बस्तियों को नियमित करना बंद किया जाय और मूल भू स्वामी रैयतों की भूमि वापस की जाय। इसके अलावे चैनगड्डा और भुरकुंडा काे प्रखंड के साथ साथ पतरातू को अनुमंडल बनाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। पीटीपीएस के द्वारा अधिग्रहित भूमि का मुआवजा, नौकरी और पुनर्वास के बाद ही एनटीपीसी की प्रक्रिया की जाय। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि 15 दिनों के अंदर इस पर विचार हो। अन्यथा झामुमो जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इससे पूर्व झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा केन्द्रीय सचिव संजीव बेदिया के नेतृत्व में रेलवे गेट से ब्लॉक तक रैली गई और स्थानीय नीति तय करने को लेकर जमकर नारेबाजी हुई। मौके पर शौकत अंसारी, हरिलाल बेदिया, रंजीत बेसरा, अलीम अंसारी, चरेंद्र बेदिया, बिट्टू विश्वकर्मा, इमामुल अंसारी, कामेश्वर करमाली, मुमताज अंसारी, लुकमान अंसारी, महादेव करमाली, सुरेश करमाली, भोला राम, अफजल अंसारी, अशोक रजक, धनराज मुंडा आदि शामिल थे।