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गलत आंकड़ों के सहारे नाकामी छिपाने की कोशिश में है िवभाग
डीवीसीमें कोयले की कमी के कारण पूरे राज्य की तरह गिरिडीह में गहरा रहा बिजली संकट बदहाल बिजली आपूर्ति का एक ठोस पहलू हो सकता है। लेकिन बदहाल बिजली आपूर्ति का दूसरा पहलू यह है कि डीवीसी का गिरिडीह स्थित भोरणडीहा पावर सब स्टेशन और झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड का गिरिडीह पावर सब स्टेशन इन दिनों गलत आंकड़ों के सहारे शहर मेंं बिजली आपूर्ति कर रहा है। दोनों के आंकड़ों में काफी अंतर है, पहले तो शहर में बदहाल बिजली आपूर्ति के लिए दोनों विभाग एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते थे। वहीं अब दोनों विभाग गलत आंकड़े पेश कर शहर में बिजली आपूर्ति कर रहे है।
ऐसे में दोनों विभागों पर नकेल कौन कसे, इसकी जिम्मेवारी के नाम पर राज्य के उर्जा मंत्री ने महज खानापूर्ति का बयान हाल के दिनों में विपक्ष का मुंह बंद करने का प्रयास किया। लेकिन राज्य के उर्जा मंत्री का दिया गया बयान आम लोगों को पच नहीं पा रहा है। हाल के दिनों में दो बार हुए राज्य के मुख्यमंत्री के गिरिडीह दौरे के बाद भी ना तो शहर की सूरत ही बदल पाई और ना ही सीरत, सीएम के दो बार के दौरे के बाद भी हालत में सुधार नहीं होना। और लचर प्रशासन के प्रति राज्य सरकार का सॉफ्ट रवैया भी कमोबेश यही दर्शाती है गिरिडीह शहरी क्षेत्र की समस्या को दूर करने के प्रति शहर की डेढ़ लाख आबादी को खुद गंभीर रहना होगा। शहर की बदहाल बिजली आपूर्ति को लेकर सप्ताह दिनों पहले नागरिक मंच के बैनर तले रोड जाम और हड़ताल जैसे आंदोलन का शंखनाद किया गया था। इस आंदोलन का फलाफल भी दो दिनों तक नजर आया, लेकिन महज दो दिन।
इसके बाद शहर की बिजली आपूर्ति दुबारा बदतर हो गई। वहीं तीन दिन पहले ही शहर के नगर भवन में शांति समिति की बैठक के दौरान समिति के सदस्यों द्वारा बिजली आपूर्ति की आवाज उठने के बाद डीडीसी ने सदस्यों के बीच आश्वास्त कराते हुए कहा था कि दुर्गा पूजा में बिजली आपूर्ति बेहतर ढंग से मिलेगी। वहीं अब इस दावे की हवा निकलती नजर रही है। कारण कि बीते तीन दिनों से शहर में एक बार फिर कृत्रिम बिजली संकट पैदा हुई है। इन तीन दिनों के भीतर ही डीवीसी जहां 16 घंटे बिजली आपूर्ति करने का दावा कर रहा है तो वहीं बिजली बोर्ड द्वारा भी 14 से 15 घंटे बिजली आपूर्ति करने का दावा अपनी और से कर रहा है। लेकिन दोनों के आंकड़े अपने आप में हास्यास्पद है। जबकि दौर शारदीय नवरात्र की पूजा का चल रहा ह